भारत की तकनीकी क्षमता से प्रभावित बेल्जियम, रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन बोले- साथ मिलकर करना होगा काम
बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन ने भारत की तकनीकी क्षमता की सराहना करते हुए दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। राजनाथ सिंह के साथ बैठक में रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन ने भारत की तकनीकी क्षमताओं की सराहना करते हुए दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत बताई है। गुरुवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में फ्रैंकन ने कहा कि भविष्य की परियोजनाओं में सहयोग के लिए बेल्जियम को भारत जैसे तकनीकी रूप से सक्षम साझेदारों की जरूरत है।
फ्रैंकन ने भारत को उच्च तकनीक वाले देशों में शामिल बताते हुए कहा कि दोनों देशों के पास एक-दूसरे से सीखने और साथ मिलकर नई परियोजनाओं पर काम करने की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने भारत और बेल्जियम के बीच साझेदारी को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
मार्च 2025 के आर्थिक मिशन का किया जिक्र
बेल्जियम के रक्षा मंत्री ने मार्च 2025 में राजकुमारी एस्ट्रिड के नेतृत्व में भारत आए बेल्जियम के बड़े आर्थिक प्रतिनिधिमंडल का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच नए दौर की दोस्ती और सहयोग की शुरुआत बताया।
फ्रैंकन के मुताबिक, इसके बाद भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग में तेजी आई है और करीब 18 महीनों के भीतर विभिन्न सहयोगी परियोजनाओं से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को इसी गति के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ भारत पहुंचे फ्रैंकन
थियो फ्रैंकन बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ भारत दौरे पर आए हैं। प्रधानमंत्री डी वेवर 2 से 4 सितंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
फ्रैंकन ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के साथ भारत आने पर खुशी है। उन्होंने इस यात्रा के दौरान प्रस्तावित विभिन्न समझौता कार्यक्रमों और उच्चस्तरीय बैठकों को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
भू-राजनीतिक चुनौतियों पर भारत के साथ साझा दृष्टिकोण
बैठक के दौरान फ्रैंकन ने मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया कई गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है और ऐसे माहौल में देशों को परिस्थितियों का यथार्थवादी तरीके से सामना करते हुए आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने भारत और बेल्जियम की दोस्ती तथा साझेदारी को ऐसी चुनौतियों से निपटने में उपयोगी बताया। फ्रैंकन ने यह भी बताया कि वह हाल ही में जापान के दौरे पर थे और वहां के नेतृत्व की ओर से भारत के लिए शुभकामनाएं लेकर आए हैं।
राजनाथ सिंह ने रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के बीच दोनों देशों के पास अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।
सिंह ने विशेष रूप से दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच संपर्क और सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करके दोनों देश नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।
भारत-बेल्जियम संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। इस दौरान दोनों नेता भारत-बेल्जियम संबंधों के विभिन्न पहलुओं के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
यह यात्रा रक्षा और सुरक्षा सहित आपसी हित वाले क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ भारत-यूरोपीय संघ और व्यापक भारत-यूरोप संबंधों को भी नई गति देने का अवसर प्रदान कर सकती है।
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