RML अस्पताल को फायर सेफ्टी क्लीयरेंस, 666 बेड का ब्लॉक जल्द शुरू होने की उम्मीद
दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के 482 करोड़ रुपये की लागत से बने 666 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को फायर सेफ्टी क्लीयरेंस मिल गया है। नए ब्लॉक में कैंसर उपचार, लिवर ट्रांसप्लांट, आईसीयू और आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम प्रगति हुई है। अस्पताल के 666 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को फायर सेफ्टी क्लीयरेंस मिल गया है। इससे नई इमारत में चिकित्सा सेवाएं शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।
482 करोड़ रुपये की लागत से बना है नया ब्लॉक
करीब 482 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 11 मंजिला इस ब्लॉक में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसमें 18 ऑपरेशन थिएटर, 99 आईसीयू बेड, 196 हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) बेड और तीन कैथेटराइजेशन लैब शामिल हैं।
ब्लॉक के पूरी तरह चालू होने पर RML अस्पताल की कुल बेड क्षमता 1,538 से बढ़कर 2,204 हो जाएगी। इससे अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने और जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए उपलब्ध क्षमता में विस्तार होने की उम्मीद है।
कैंसर और लिवर संबंधी इलाज पर विशेष ध्यान
नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में कैंसर, कैंसर सर्जरी और लिवर व पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज की विशेष व्यवस्थाएं होंगी। यहां लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा भी प्रस्तावित है।
कैंसर के उपचार के लिए दो लीनियर एक्सीलरेटर लगाए जाएंगे। इसके अलावा PET स्कैन की सुविधा से युक्त न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग भी विकसित किया गया है। इन सुविधाओं से मरीजों को उन्नत जांच और उपचार सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
जे.पी. नड्डा ने स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की
यह घटनाक्रम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के RML अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे की समीक्षा करने के बीच सामने आया है। समीक्षा के दौरान मरीज-केंद्रित सेवाओं को मजबूत बनाने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दिल्ली के साथ आसपास के राज्यों के मरीजों को भी लाभ की उम्मीद
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक शुरू होने से दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। अस्पताल की बेड क्षमता और विशेष उपचार सुविधाएं बढ़ने से गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सहायता मिल सकती है।
हालांकि, फायर सेफ्टी क्लीयरेंस मिलने के बाद भी मरीजों के लिए सभी सेवाएं शुरू होने की तारीख और उपलब्धता अस्पताल की तैयारियों तथा संबंधित औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी।
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