अमित शाह ने लॉन्च किया ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ ऐप, गांवों के पुस्तकालयों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने की पहल

अमित शाह ने ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ पहल लॉन्च की। इसके तहत गांवों के पुस्तकालयों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़कर ज्ञान और शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया।

Aug 12, 2026 - 23:11
0 2
अमित शाह ने लॉन्च किया ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ ऐप, गांवों के पुस्तकालयों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने की पहल

गांधीनगर : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ ऐप का शुभारंभ किया। इस डिजिटल पहल के जरिए गुजरात के गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के ग्रामीण पुस्तकालयों को आपस में जोड़ने और बच्चों व युवाओं तक अधिक व्यापक अध्ययन सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

यह पहल राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के अवसर पर शुरू की गई। इसका मुख्य उद्देश्य गांवों में बच्चों के बीच पढ़ने की आदत विकसित करना और उन्हें अपने ही क्षेत्र में किताबों तथा डिजिटल ज्ञान के बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है।

752 पुस्तकालय ऐप से जुड़े

‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ नेटवर्क से अब तक 752 पुस्तकालय जुड़ चुके हैं। इसके अलावा करीब 2.80 लाख पुस्तकों के संग्रह वाले चार बड़े पुस्तकालयों को ग्रामीण पुस्तकालयों के नेटवर्क से जोड़ा गया है। इससे गांवों के पाठकों को स्थानीय पुस्तकालय में मौजूद पुस्तकों के अलावा बड़े पुस्तक संग्रह तक पहुंच मिल सकेगी।

हर गांव में पुस्तकालय स्थापित करने की योजना

अमित शाह ने कहा कि गांधीनगर, कलोल और साणंद विधानसभा क्षेत्रों के गांवों में बच्चों को किताबों से जोड़ने के लिए पुस्तकालयों का विस्तार किया जा रहा है। योजना के तहत 63 पुस्तकालय शुरू करने की दिशा में काम किया गया है, जिनमें करीब 5 से 6 हजार पुस्तकों का संग्रह रखने की व्यवस्था होगी।

इन पुस्तकालयों को स्कूलों के आसपास और गांव के केंद्रीय हिस्सों में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को वहां पहुंचने में परेशानी न हो।

बच्चों से लेकर युवाओं तक के लिए किताबें

पुस्तकालयों में बच्चों की रुचि को ध्यान में रखते हुए किताबों का चयन किया गया है। इसके साथ किशोरों और युवाओं के लिए करियर, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।

गुजरात और भारत के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन तथा 1857 के विद्रोह जैसे विषयों से संबंधित पुस्तकों को भी पुस्तकालयों के संग्रह में शामिल किया जाएगा।

बड़े पुस्तकालयों से मिलेगा व्यापक ज्ञान

ग्रामीण पुस्तकालयों को चार बड़े पुस्तकालयों के साथ डिजिटल नेटवर्क के जरिए जोड़ा गया है। इन प्रमुख पुस्तकालयों में कुल लगभग 2 लाख 80 हजार किताबें उपलब्ध हैं। इस व्यवस्था से ग्रामीण पाठकों को अपने स्थानीय पुस्तकालय से कहीं बड़े पुस्तक संग्रह की जानकारी और उपलब्धता मिल सकेगी।

हर 15 दिन में गांव पहुंचेगी किताबों की वैन

नई पुस्तकों को गांवों तक पहुंचाने के लिए सांसद निधि से वैन की व्यवस्था की गई है। यह वैन प्रत्येक 15 दिन में ग्रामीण पुस्तकालयों का दौरा करेगी। पुरानी पुस्तकों को वापस लेने के साथ ऐप के जरिए मांग की गई नई किताबें संबंधित पुस्तकालय तक पहुंचाई जाएंगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण पाठकों को समय-समय पर अलग-अलग विषयों की नई किताबें उपलब्ध कराना है।

‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर काम

‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ को ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के आधार पर विकसित किया गया है। इसके माध्यम से बड़े पुस्तकालयों को ग्रामीण पुस्तकालयों से जोड़कर किताबों और ज्ञान संसाधनों की पहुंच का दायरा बढ़ाने की योजना है।

अमित शाह ने कहा कि भविष्य में विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और प्रकाशन संस्थाओं को भी डिजिटल माध्यम से पुस्तकालय नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों और पाठकों को अलग-अलग विषयों की व्यापक सामग्री तक पहुंच मिल सकती है।

पुस्तकालयों से मिली अपनी सीख का किया जिक्र

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने माणसा के महात्मा गांधी पुस्तकालय से जुड़ी अपनी पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में इस पुस्तकालय के जरिए उन्हें विभिन्न विषयों को समझने और पढ़ने का अवसर मिला।

उन्होंने पुस्तकालयों को केवल किताबों का संग्रह नहीं बल्कि ज्ञान हासिल करने और सोच विकसित करने का माध्यम बताया। उनके अनुसार, सही मार्गदर्शन के साथ पुस्तकालय बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व तथा ज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करने की अपील

अमित शाह ने अभिभावकों से बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवार का माहौल बच्चों की पढ़ने की रुचि को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।

जन ध्यान न्यूज़: ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ के जरिए ग्रामीण पुस्तकालयों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने की यह पहल बच्चों और युवाओं को किताबों, शिक्षा और व्यापक ज्ञान संसाधनों के करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

What's Your Reaction?

Like Like 8
Dislike Dislike 0
Love Love 7
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User