स्वतंत्रता दिवस 2026: पीएम मोदी ने पूर्ण रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बताया अनिवार्य राष्ट्रीय प्राथमिकता
स्वतंत्रता दिवस 2026 पर पीएम मोदी ने लाल किले से पूर्ण रणनीतिक आत्मनिर्भरता को अनिवार्य राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया। रक्षा शक्ति, स्वदेशी तकनीक और विकसित भारत पर जोर।
नई दिल्ली। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को विकास की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बताया। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से पूर्ण रणनीतिक आत्मनिर्भरता को देश के लिए अनिवार्य प्राथमिकता के रूप में रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री के संबोधन में रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर रहा। उन्होंने भारत को आधुनिक रक्षा तकनीकों के क्षेत्र में केवल आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता बताई। ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और हाइपरसोनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
विकसित भारत के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विकास की सात धाराओं यानी ‘शक्ति की सप्तधारा’ का उल्लेख किया। इनमें विनिर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक एवं नवाचार, बुनियादी ढांचा, रक्षा शक्ति, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था तथा भारत की सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी क्षमता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत को रक्षा उपकरणों और अत्याधुनिक तकनीकों के मामले में बाहरी निर्भरता कम करनी होगी। ‘रक्षा शक्ति’ को विकसित भारत के लक्ष्य की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में प्रस्तुत किया गया।
सरकार की ओर से भी रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और भविष्य के लिए तैयार रक्षा उद्योग को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है।
आत्मनिर्भरता से विकसित भारत की ओर
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत को केवल आर्थिक नीति तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा, तकनीकी क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा, विनिर्माण और रक्षा शक्ति से जोड़कर प्रस्तुत किया। उनका संदेश रहा कि भारत को अपनी आवश्यकताओं के लिए मजबूत घरेलू क्षमताएं विकसित करने के साथ-साथ दुनिया के लिए भी तकनीक और उत्पाद उपलब्ध कराने वाला देश बनना होगा।
प्रधानमंत्री के 80वें स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता को भारत की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण आधार के रूप में रेखांकित किया गया।
निष्कर्ष: स्वतंत्रता दिवस 2026 के संबोधन में रणनीतिक आत्मनिर्भरता का संदेश राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी विकास और आर्थिक मजबूती से जुड़ा रहा। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत की क्षमता को आगे बढ़ाते हुए 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना है।
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