भारत-GCC बैठक में समुद्री सुरक्षा पर जोर, FTA वार्ता को आगे बढ़ाने पर बनी सहमति
भारत-GCC ट्रोइका मंत्रिस्तरीय बैठक में समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता, नाविकों की सुरक्षा, वाणिज्यिक शिपिंग, FTA वार्ता और संयुक्त कार्ययोजना की प्रगति पर चर्चा हुई।
नई दिल्ली। भारत और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों व वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों के बीच अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक आवाजाही से जुड़ी चुनौतियां बढ़ी हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में भारत-GCC ट्रोइका मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक में GCC की ओर से बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल-जायानी, महासचिव जासेम मोहम्मद अल-बुदैवी और सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्य मंत्री अदेल अल-जुबैर शामिल हुए। UAE, कतर, ओमान और कुवैत के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
समुद्री आवाजाही और जहाजों की सुरक्षा पर चर्चा
बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत और GCC ने समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता तथा नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक शिपिंग के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया।
भारत-GCC संयुक्त कार्ययोजना की समीक्षा
बैठक में भारत-GCC संयुक्त कार्ययोजना 2024-28 के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। इस योजना में राजनीतिक संवाद, सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, कृषि और खाद्य सुरक्षा, परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की व्यवस्था है।
FTA वार्ता का स्वागत
भारत और GCC ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए वार्ता शुरू होने का भी स्वागत किया। फरवरी 2026 में इसके Terms of Reference को अंतिम रूप दिए जाने के बाद बातचीत आगे बढ़ी है। दोनों पक्षों के अनुसार प्रस्तावित समझौते से व्यापार के विस्तार और निर्यात में विविधता लाने के अवसर बढ़ सकते हैं।
ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर भी सहयोग
जयशंकर ने GCC देशों की ओर से हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति जारी रखने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भारत-GCC ऊर्जा साझेदारी को नवीकरणीय ऊर्जा, जैव ईंधन और हरित तकनीक जैसे क्षेत्रों में और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
भारतीय समुदाय के कल्याण का मुद्दा भी उठा
बैठक में खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय समुदाय के कल्याण और सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने GCC नेतृत्व को भारतीय समुदाय के प्रति सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। दोनों पक्षों ने कला, विरासत, योग, संगीत, सिनेमा और साहित्य के माध्यम से लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
भारत और GCC ने आगे व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, नई तकनीक, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने भारत-GCC रणनीतिक संवाद की दूसरी संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक जल्द आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की।
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