भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बड़ी प्रगति, व्हाइट हाउस ने क्या कहा?

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। व्हाइट हाउस ने सार्थक चर्चा की पुष्टि की, जबकि पीयूष गोयल ने कहा कि ज्यादातर मुद्दों पर बातचीत पूरी हो चुकी है। जानिए समझौते की प्रगति, टैरिफ से जुड़े सवाल और दोनों देशों की प्रमुख व्यापारिक प्राथमिकताएं।

Oct 27, 2026 - 09:04
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बड़ी प्रगति, व्हाइट हाउस ने क्या कहा?

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भारतीय अधिकारियों के साथ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर सार्थक चर्चा कर रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड्स में कहा कि समझौते से जुड़े ज्यादातर मुद्दों पर चर्चा पूरी हो चुकी है और अब इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता मैथ्यू मिडलटन के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ऐसा समझौता करना चाहता है जो अमेरिका और उसके नागरिकों के हितों को प्राथमिकता दे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीबी संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नेता द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत बनाने के पक्ष में हैं।

पीयूष गोयल बोले- ज्यादातर मुद्दों पर चर्चा पूरी

पीयूष गोयल ने सोमवार को हेग में आयोजित इंडिया-नीदरलैंड्स बिजनेस फोरम के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच अधिकतर चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं और अब समझौते को अंतिम रूप देने पर काम किया जा रहा है।

गोयल इन दिनों व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ जर्मनी और नीदरलैंड्स के दौरे पर हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) को पूरा किया है। भारत की व्यापार नीति का उद्देश्य विभिन्न देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाना और घरेलू उद्योगों के लिए नए बाजारों के अवसर तैयार करना है।

फरवरी में बनी थी व्यापार समझौते की रूपरेखा

भारत और अमेरिका ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक रूपरेखा घोषित की थी। इसके बाद शुल्क नीति और व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रही।

अक्टूबर में भी वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय बैठकें हुईं। गोयल ने 1 अक्टूबर को मिलवॉकी में जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात की थी। इसके बाद भारतीय अधिकारियों की टीम ने 15 से 17 अक्टूबर के बीच वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

मार्को रूबियो ने भी समझौते के करीब होने की बात कही

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 20 अक्टूबर को मुंबई यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सकारात्मक संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि दोनों देश करार के काफी करीब हैं और कुछ मुद्दों का समाधान होना बाकी है।

रूबियो के बयान से संकेत मिला कि बातचीत में प्रगति हुई है। हालांकि, जब तक दोनों सरकारें समझौते की अंतिम शर्तों और औपचारिक घोषणा की पुष्टि नहीं करतीं, तब तक इसे पूरा हुआ समझौता नहीं माना जा सकता।

अमेरिका और भारत की व्यापार वार्ता में क्या हैं प्रमुख मुद्दे?

व्यापार समझौते को लेकर दोनों देशों की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं। अमेरिका चाहता है कि भारत ऊर्जा और तकनीक सहित अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाए। दूसरी ओर, भारतीय निर्यातकों की प्रमुख मांग अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर लागू शुल्क को कम करना और निर्यात के लिए बेहतर अवसर हासिल करना है।

भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, तकनीकी उत्पाद तथा कोकिंग कोल खरीदने की योजना का उल्लेख किया है।

अमेरिका भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। ऐसे में प्रस्तावित समझौते का असर दोनों देशों के व्यापार, निवेश और उद्योगों पर पड़ सकता है। फिलहाल वार्ता के अंतिम नतीजे और समझौते की शर्तों को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

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