IPU की 153वीं सभा में शामिल होगा भारत, हरिवंश के नेतृत्व में 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तंजानिया रवाना
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल 5 से 9 अक्टूबर तक तंजानिया के अरूशा में IPU की 153वीं सभा और संबंधित बैठकों में भाग लेगा।
नई दिल्ली: राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक तंजानिया के अरूशा में होने वाली अंतर-संसदीय संघ (IPU) की 153वीं सभा और इससे जुड़ी बैठकों में हिस्सा लेगा। इस दौरान दुनिया के विभिन्न देशों के सांसद समावेशिता, विश्वास और अवसरों के जरिए सुशासन को मजबूत करने तथा समुदायों को सशक्त बनाने जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
नौ सांसदों का प्रतिनिधिमंडल
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में हरिवंश के अलावा लोकसभा से अनुराग सिंह ठाकुर, अपराजिता सारंगी, संजय जायसवाल, कमलजीत सहरावत, लता वानखेड़े, बिजुली कलिता मेधी और एन. के. प्रेमचंद्रन शामिल हैं। राज्यसभा से सस्मित पात्रा प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे सांसद
भारतीय सांसद IPU की विभिन्न बैठकों, पैनल चर्चाओं और कार्यशालाओं में भाग लेंगे। इन मंचों पर मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। प्रतिनिधिमंडल विभिन्न मुद्दों पर भारत के दृष्टिकोण को सामने रखने के साथ-साथ अलग-अलग देशों की संसदों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी विचार करेगा।
गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल होंगे हरिवंश
हरिवंश IPU की गवर्निंग काउंसिल की बैठक के साथ सामान्य चर्चा और आपातकालीन विषय से संबंधित सत्र में भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा IPU अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के साथ होने वाले संवाद कार्यक्रम में भी उनकी भागीदारी रहेगी।
लोकतंत्र और सुरक्षा समेत कई विषय एजेंडे में
बैठक के दौरान लोकतंत्र, मानवाधिकार, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, सतत विकास तथा महिलाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आतंकवाद से निपटने, स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य, महत्वपूर्ण खनिजों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा काम के बदलते स्वरूप जैसे मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा होंगे।
समुद्री सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन पर भी चर्चा
IPU की बैठकों में समुद्री सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। पर्वतीय तथा समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और इनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी सांसद विचार रखेंगे।
संसदीय कूटनीति को मिलेगा बढ़ावा
153वीं IPU सभा में भारत की भागीदारी वैश्विक संसदीय संवाद में उसकी निरंतर सक्रियता को दर्शाती है। इस मंच के माध्यम से भारत विभिन्न देशों की संसदों के साथ संपर्क और सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ शांति, विकास, लोकतंत्र और समुदायों के सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर संसदीय कूटनीति को मजबूत करने पर जोर देगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)