Jaishankar CARICOM Meeting: जयशंकर ने कैरिबियन देशों के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात, सहयोग बढ़ाने पर जोर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में CARICOM देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की। बातचीत में विकास साझेदारी, स्वास्थ्य, छोटे एवं मध्यम उद्यम, प्रशिक्षण, सौर ऊर्जा और जलवायु सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में कैरिबियन समुदाय यानी CARICOM से जुड़े देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान भारत और कैरिबियाई देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा विकास साझेदारी को आगे बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने CARICOM की महासचिव डॉ. कार्ला बार्नेट और सूरीनाम के विदेश मंत्री मेल्विन बौवा का बैठक के संचालन में सहयोग के लिए आभार जताया।
साझा अनुभवों और विकास चुनौतियों पर चर्चा
विदेश मंत्री ने कहा कि बैठक में भारत और कैरिबियाई देशों के बीच साझा ऐतिहासिक अनुभवों तथा विकास से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा हुई। उन्होंने भारत-CARICOM सहयोग के तहत चल रही विभिन्न परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।
भारत की ओर से कई कैरिबियाई देशों में छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) तथा Quick Impact Projects (QIPs) से जुड़े कार्यक्रमों को सहयोग दिया गया है। QIP के तहत ऐसे प्रोजेक्ट्स को सहायता दी जाती है जिन्हें अपेक्षाकृत कम समय में पूरा करके स्थानीय समुदायों को सीधा लाभ पहुंचाया जा सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत का सहयोग
जयशंकर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की ओर से दिए गए सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैरिबियन क्षेत्र के कुछ देशों में कृत्रिम अंग लगाने के लिए शिविर आयोजित किए गए हैं।
इसके अलावा भारत ने कुछ साझेदार देशों को हीमोडायलिसिस यूनिट्स उपलब्ध कराई हैं। आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में इस्तेमाल किए जा सकने वाले भारत में विकसित पोर्टेबल मेडिकल सिस्टम ‘भीष्म क्यूब’ की यूनिट्स भी कुछ CARICOM साझेदारों को दी गई हैं।
प्रशिक्षण के अवसरों का इस्तेमाल करने की अपील
विदेश मंत्री ने CARICOM देशों से भारत की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे प्रशिक्षण अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि साझेदार देशों की जरूरत और रुचि के अनुसार विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी तैयार किए जा सकते हैं।
भारत ग्लोबल साउथ के देशों के अधिकारियों और विशेषज्ञों के लिए डिजिटल तकनीक सहित कई क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता रहा है। भारत की विदेश सेवा संस्था द्वारा CARICOM देशों के राजनयिकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी पहले आयोजित किए जा चुके हैं।
सौर ऊर्जा और जलवायु सहयोग पर जोर
बैठक में ऊर्जा और जलवायु से जुड़े सहयोग पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने बताया कि भारत के सहयोग से कैरिबियन क्षेत्र में सौर ऊर्जा से जुड़ी पहलों को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने CARICOM देशों से International Solar Alliance (ISA) और Global Biofuels Alliance (GBA) में शामिल होने पर विचार करने का आग्रह किया। दोनों पहलें नवीकरणीय ऊर्जा और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के प्रयासों से जुड़ी हैं।
भारत-CARICOM संबंधों में विकास साझेदारी महत्वपूर्ण
भारत और CARICOM के बीच सहयोग में स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, कृषि, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, व्यापार और विकास परियोजनाओं जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। भारत की ओर से कैरिबियन देशों में सामुदायिक विकास और छोटे उद्यमों से संबंधित परियोजनाओं को भी सहायता दी गई है।
जयशंकर की बैठक में इन सहयोगों को आगे बढ़ाने और कैरिबियाई साझेदार देशों की प्राथमिकताओं के अनुरूप भारत की विकास साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
भारत और कैरिबियन देशों के बीच ऐतिहासिक तथा लोगों के बीच संबंध भी इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण आधार हैं। CARICOM के कई सदस्य देशों में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी है, जबकि भारत और कैरिबियन क्षेत्र के बीच साझा ऐतिहासिक अनुभव भी रहे हैं।
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