Jaishankar-Paparo Meeting: जयशंकर से मिले अमेरिकी कमांडर पापारो, समुद्री सुरक्षा पर चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से नई दिल्ली में मुलाकात की। दोनों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को नई दिल्ली में अमेरिका के हिंद-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष सैन्य कमांडरों में शामिल एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मुलाकात की। बैठक में भारत-अमेरिका सुरक्षा साझेदारी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। बैठक के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच हिंद-प्रशांत में सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
छह दिवसीय भारत यात्रा पर आए पापारो
एडमिरल सैमुअल जे. पापारो छह दिन की आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, समुद्री गतिविधियों और रक्षा सहयोग से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय बढ़ा रहे हैं।
पापारो की यात्रा के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों के बीच साझा सुरक्षा प्राथमिकताओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसमें नई तकनीकों का उपयोग, डिजिटल बदलाव, रणनीतिक स्थिरता, रक्षा क्षेत्र से जुड़ी ऊर्जा सुरक्षा और तेजी से बदलती तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसे विषय शामिल हैं।
भारत और अमेरिका के बीच समुद्री सुरक्षा और परिचालन सहयोग पहले से ही द्विपक्षीय रक्षा संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, सूचना साझा करने और सैन्य इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने पर भी सहयोग किया है।
अमेरिका ने बताया रक्षा साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा
भारत में अमेरिकी दूतावास के अनुसार, दोनों देश नई तकनीक से लेकर समुद्री सुरक्षा तक कई क्षेत्रों में रक्षा सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। पापारो की यात्रा को इसी व्यापक रक्षा साझेदारी के संदर्भ में देखा जा रहा है।
अमेरिका के लिए हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता महत्वपूर्ण विषय हैं। वहीं भारत भी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और अपने रणनीतिक हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को महत्व देता रहा है।
भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच भी बढ़ा संपर्क
पापारो की यात्रा से पहले 28 सितंबर को भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और अमेरिकी सेना की प्रशांत कमान के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल के बीच नई दिल्ली में मुलाकात हुई थी।
इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बदलते सुरक्षा परिदृश्य और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई थी।
भारतीय सेना के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य अभ्यासों के जरिए दोनों सेनाओं के बीच सहयोग और साथ मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाने पर भी विचार किया।
संयुक्त अभ्यासों से बढ़ाने पर जोर
भारत और अमेरिका की सेनाएं नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास करती रही हैं। इन अभ्यासों का एक उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच प्रक्रियागत तालमेल और संयुक्त अभियानों के लिए इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करना है।
भारतीय सेना के अनुसार, 'युद्ध अभ्यास' जैसे संयुक्त अभ्यासों से दोनों सेनाओं को साझा प्रशिक्षण और परिचालन प्रक्रियाओं पर काम करने का अवसर मिलता है।
हिंद-प्रशांत सहयोग पर नजर
एडमिरल पापारो की भारत यात्रा और जयशंकर के साथ उनकी बैठक को भारत-अमेरिका के व्यापक सुरक्षा संबंधों के संदर्भ में देखा जा रहा है। समुद्री सुरक्षा, नई तकनीक, सैन्य सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक स्थिरता आने वाले समय में दोनों देशों के बीच चर्चा के प्रमुख विषय बने रह सकते हैं।
भारत-अमेरिका के रक्षा सहयोग में समुद्री सुरक्षा, समुद्री क्षेत्र की जागरूकता, परिचालन इंटरऑपरेबिलिटी और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे क्षेत्र पहले से शामिल रहे हैं।
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