जन्माष्टमी पर कृष्ण भक्ति में डूबा देश, मथुरा से मुंबई और जयपुर से गुरुवायूर तक उमड़ी भीड़
जन्माष्टमी के अवसर पर देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम रही। मथुरा, मुंबई, जयपुर, चेन्नई और गुरुवायूर समेत कई जगहों पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन हुए।
नई दिल्ली: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को देशभर में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। मथुरा, मुंबई, जयपुर, चेन्नई और केरल समेत कई राज्यों में मंदिरों में विशेष पूजा, आरती और भजन-कीर्तन आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और व्रत-पूजा के साथ जन्मोत्सव मनाया।
जन्माष्टमी के साथ ही मुंबई में शनिवार को होने वाले दही-हांडी उत्सव की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। अलग-अलग गोविंदा मंडलियां ऊंचाई पर बांधी जाने वाली दही-हांडी को फोड़ने के लिए अभ्यास और तैयारियों में जुटी हैं।
मुंबई के इस्कॉन मंदिर में विशेष आयोजन
मुंबई के गिरगांव चौपाटी स्थित इस्कॉन मंदिर में सुबह मंगला आरती के साथ जन्माष्टमी के कार्यक्रम शुरू हुए। भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंची।
इस दौरान आध्यात्मिक गुरु केशव चंद्र दास ने भगवान कृष्ण के जन्म और उनके संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि कृष्ण का जीवन मानवता को धर्म, कर्म और आध्यात्मिक प्रकाश का मार्ग दिखाता है। उन्होंने भगवद्गीता के माध्यम से दिए गए कृष्ण के संदेश को भी महत्वपूर्ण बताया।
मथुरा में ‘समुद्र मंथन’ की थीम पर सजावट
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी का विशेष उत्साह दिखाई दिया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर को इस बार ‘समुद्र मंथन’ की थीम पर सजाया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। वहीं, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ के एक मंदिर में भगवान के दर्शन किए। मथुरा में जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों और आसपास के इलाकों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जयपुर में देर रात से दर्शन के लिए पहुंचे भक्त
राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन के लिए लोग बृहस्पतिवार रात से ही पहुंचने लगे थे।
शुक्रवार सुबह मंगला आरती के साथ मंदिर में दर्शन शुरू हुए। मंदिर प्रशासन के अनुसार भगवान कृष्ण का मुख्य जन्मोत्सव मध्यरात्रि में आयोजित किया जाएगा।
चेन्नई में दो दिवसीय जन्माष्टमी उत्सव
चेन्नई के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का आयोजन दो दिनों तक किया जा रहा है। ईसीआर स्थित मंदिर में 3 सितंबर से शुरू हुए कार्यक्रम में श्रद्धालुओं, युवाओं और परिवारों ने हिस्सा लिया।
मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। कई श्रद्धालुओं ने जन्माष्टमी का व्रत भी रखा।
गुरुवायूर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
केरल में अष्टमी रोहिणी के अवसर पर कृष्ण मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए। प्रसिद्ध गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
अरनमुला पार्थसारथी मंदिर में भी विशेष प्रसाद भोज की तैयारियां की गईं। मंदिर से जुड़े लोगों के मुताबिक इस आयोजन में करीब 25 हजार लोगों को भोजन कराने की तैयारी है।
पंजाब-हरियाणा के नेताओं ने दी शुभकामनाएं
जन्माष्टमी के अवसर पर पंजाब और हरियाणा के राज्यपालों तथा मुख्यमंत्रियों ने भी लोगों को शुभकामनाएं दीं।
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भगवान कृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षाओं को सदाचार, धर्म और लोककल्याण से जोड़ते हुए लोगों से इन मूल्यों को अपनाने की अपील की।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की।
हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने भगवान कृष्ण से लोगों को शांति और शक्ति देने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी त्योहार पर शुभकामनाएं देते हुए प्रेम, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की।
दही-हांडी के लिए मुंबई तैयार
जन्माष्टमी के अगले दिन मुंबई में दही-हांडी उत्सव का रंग देखने को मिलेगा। शहर की विभिन्न गोविंदा टोलियां मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकी हांडी फोड़ने की तैयारी कर रही हैं।
इस तरह देश के अलग-अलग हिस्सों में जन्माष्टमी ने धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक उत्सवों को भी एक साथ जोड़ दिया है।
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