Lakhpati Didi: 6 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य, आसान लोन पर सरकार का बड़ा फोकस
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मुंबई में DAY-NRLM के तहत स्वयं सहायता समूहों और बैंक लिंकेज की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में महिला उद्यमियों को तेज, पर्याप्त और आसान ऋण उपलब्ध कराने, लोन प्रक्रिया सरल करने और बैंकिंग समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन शुरू करने पर जोर दिया गया। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में 6 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है।
मुंबई: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुंबई में स्वयं सहायता समूहों (SHG) को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने और व्यक्तिगत उद्यमों के लिए वित्त उपलब्ध कराने को लेकर अहम बैठक हुई। बैठक में ग्रामीण महिलाओं के लिए तेज और आसान ऋण व्यवस्था तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, बैंकों, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, भारतीय रिजर्व बैंक और नाबार्ड समेत विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चर्चा के दौरान महिलाओं को बैंक लोन मिलने में आने वाली दिक्कतों, अलग-अलग क्षेत्रों में क्रेडिट की असमान उपलब्धता और प्रक्रिया को सरल बनाने के उपायों पर विचार किया गया।
महिला सशक्तिकरण को बताया विकास की कुंजी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’ अभियान के जरिए महिलाओं को आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर दिए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक करीब 3.5 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 6 करोड़ करना है। मंत्री ने कहा कि आगे उन महिलाओं तक भी योजनाओं और वित्तीय सहायता की पहुंच बढ़ानी होगी जिनकी मौजूदा आय अभी अपेक्षाकृत कम है।
बैंकों से समय पर लोन उपलब्ध कराने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों से ग्रामीण महिला उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रक्रिया में अनावश्यक कठिनाइयों को कम करना और बैंक कर्मचारियों को महिला उद्यमियों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अधिक गरीबी वाले क्षेत्रों में क्रेडिट की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों की महिलाएं भी व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा काम को विस्तार देने में सक्षम हो सकें।
हर तीन महीने पर होगी प्रगति की समीक्षा
बैठक में विभिन्न संस्थानों और बैंकों की ओर से किए गए वादों और तय लक्ष्यों की नियमित निगरानी का निर्णय लिया गया। इसके लिए हर तीन महीने में ऑनलाइन समीक्षा बैठक और हर छह महीने में प्रत्यक्ष समीक्षा बैठक आयोजित करने की बात कही गई।
मंत्री ने अधिकारियों से निर्धारित समयसीमा के भीतर तय कार्यों को पूरा करने और उनकी प्रगति पर लगातार नजर रखने को कहा।
SHG को 10 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण का लक्ष्य
DAY-NRLM के तहत देशभर में करोड़ों ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। बैंकों के माध्यम से SHG को अब तक बड़ी मात्रा में ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है।
सरकार ने आने वाले पांच वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को 10 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत महिला उद्यमियों को 1 लाख करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।
लोन प्रक्रिया आसान बनाने की तैयारी
बैठक में महिला उद्यमियों की शिकायतों और बैंक लोन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन शुरू करने तथा ऋण प्रक्रिया को और सरल बनाने पर भी चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच देना और उन्हें अपने कारोबार के विस्तार के लिए जरूरी पूंजी उपलब्ध कराना है।
इस पूरी पहल को वित्तीय समावेशन के अगले चरण से जोड़ते हुए महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण विकास, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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