Karnataka MSP Procurement: कर्नाटक में 1.67 लाख टन फसलों की MSP पर खरीद

केंद्र सरकार ने कर्नाटक में खरीफ 2026-27 के लिए PSS के तहत 13,413 टन सूरजमुखी, 38,250 टन मूंग और 1,15,500 टन सोयाबीन की MSP पर खरीद को मंजूरी दी है।

Sep 30, 2026 - 12:18
Updated: 14 days ago
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Karnataka MSP Procurement: कर्नाटक में 1.67 लाख टन फसलों की MSP पर खरीद

कर्नाटक के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्र ने मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत राज्य में सूरजमुखी, मूंग और सोयाबीन की खरीद को मंजूरी दी है। इन फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी।

कुल मिलाकर केंद्र ने 13,413 टन सूरजमुखी, 38,250 टन मूंग और 1,15,500 टन सोयाबीन की खरीद को मंजूरी दी है।

तीन फसलों की खरीद को मंजूरी

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने 29 सितंबर को कर्नाटक में PSS के तहत तीनों फसलों की खरीद की अनुमति दी। यह मंजूरी राज्य सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर दी गई है।

खरीद की अवधि इसकी शुरुआत की तारीख से 90 दिनों तक रहेगी। खरीद शुरू करने की तारीख कर्नाटक सरकार तय करेगी।

MSP से कम भाव होने पर होगी खरीद

PSS के तहत खरीद उस स्थिति में की जाएगी, जब बाजार में संबंधित फसल का भाव निर्धारित MSP से नीचे चला जाए। केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाली यानी FAQ श्रेणी की उपज ही खरीद में शामिल होगी।

2026-27 के लिए केंद्र ने सूरजमुखी बीज का MSP ₹8,343 प्रति क्विंटल और मूंग का MSP ₹8,780 प्रति क्विंटल तय किया है।

किसानों को सीधे बैंक खाते में भुगतान

केंद्र ने खरीद प्रक्रिया में पंजीकृत किसानों की पहचान आधार आधारित बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए करने का निर्देश दिया है।

राज्य सरकार को खरीद लागत के कम से कम 15 प्रतिशत के बराबर रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराने को कहा गया है। खरीद के बाद किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में करने की व्यवस्था होगी।

भंडारण की उपलब्धता की भी होगी जांच

केंद्रीय नोडल एजेंसियों को खरीद शुरू करने से पहले वैज्ञानिक भंडारण के लिए उपलब्ध क्षमता की पुष्टि करनी होगी। निर्देश के अनुसार एजेंसियां उतनी ही मात्रा में खरीद करेंगी, जितनी उपज के भंडारण की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित हो।

राज्य सरकार को PSS के संचालन में सहयोग करने और प्रत्यक्ष खरीद केंद्र स्थापित करने में केंद्रीय एजेंसियों की मदद करने को भी कहा गया है।

SC-ST किसानों का भी दर्ज होगा आंकड़ा

केंद्र ने PSS के तहत खरीद के दौरान अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभार्थी किसानों का डेटा दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के संबंधित प्रावधानों के तहत उपलब्ध धनराशि का उपयोग सुनिश्चित करना है।

इस फैसले से कर्नाटक में बाजार भाव MSP से नीचे रहने की स्थिति में संबंधित किसानों को सरकारी खरीद का विकल्प उपलब्ध होगा।

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