India-Sri Lanka Relations: समुद्री मुद्दों पर भारत-श्रीलंका की अहम बातचीत
भारत और श्रीलंका ने कोलंबो में समुद्री मुद्दों, द्विपक्षीय संबंधों और बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। भारत ने श्रीलंका के स्वास्थ्य और विकास क्षेत्र में सहायता भी जारी रखी है।
भारत और श्रीलंका ने समुद्री मामलों, द्विपक्षीय संबंधों और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा की है। यह बैठक 29 और 30 सितंबर 2026 को कोलंबो में हुई।
बैठक में भारत के विदेश मंत्रालय के UNES प्रभाग के अपर सचिव डॉ. एक्विनो विमल और श्रीलंका के विदेश मंत्रालय की कानूनी सलाहकार तिलानी सिल्वा शामिल हुईं। दोनों पक्षों ने समुद्री मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।
समुद्री सहयोग पर चर्चा
भारत और श्रीलंका के बीच हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और सहयोग महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। दोनों देशों ने पहले भी समुद्री सुरक्षा, सूचना साझा करने और समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।
भारत-श्रीलंका के 2024 के संयुक्त बयान में भी दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित और स्थिर बनाए रखने तथा समुद्री और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी।
श्रीलंका को करीब 3 टन टीबी दवाएं भेजीं
भारत ने श्रीलंका के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र के लिए हाल में करीब 3 टन एंटी-ट्यूबरकुलोसिस दवाएं भेजीं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार, दवाओं की खेप भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से कोलंबो पहुंचाई गई।
यह सहायता भारत की ओर से श्रीलंका के स्वास्थ्य क्षेत्र में जारी सहयोग का हिस्सा है।
मन्नार अस्पताल में इमरजेंसी यूनिट
16 सितंबर को श्रीलंका के मन्नार स्थित डिस्ट्रिक्ट जनरल हॉस्पिटल में नई दो मंजिला दुर्घटना एवं आपातकालीन इकाई के निर्माण की शुरुआत हुई।
भारतीय उच्चायोग के मुताबिक, इस परियोजना के लिए भारत सरकार ने 600 मिलियन श्रीलंकाई रुपये की ग्रांट सहायता दी है। परियोजना के तहत आवश्यक चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
भारत ने इसी दिन मुल्लैतिवु के डिस्ट्रिक्ट जनरल हॉस्पिटल में चार मंजिला मेडिकल वार्ड कॉम्प्लेक्स के लिए भी नींव रखी। इस परियोजना के लिए भी 600 मिलियन श्रीलंकाई रुपये की भारतीय ग्रांट सहायता दी जा रही है।
21वें मॉडल विलेज ‘सुहादागामा’ का उद्घाटन
4 सितंबर को भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने श्रीलंकाई संसद के स्पीकर जगत विक्रमरत्ने और उप मंत्री टी.बी. सरथ के साथ पोलोन्नारुवा में 21वें मॉडल विलेज ‘सुहादागामा’ का उद्घाटन किया।
भारतीय ग्रांट सहायता से चल रहा यह मॉडल विलेज कार्यक्रम श्रीलंका के सभी 25 जिलों में विकास परियोजनाओं के जरिए स्थानीय स्तर पर सहयोग से जुड़ा है।
स्वास्थ्य और विकास सहयोग पर जोर
भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग केवल समुद्री सुरक्षा तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, आवास और स्थानीय विकास समेत कई क्षेत्रों में भारत की सहायता जारी है।
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, श्रीलंका में भारत के विकास सहयोग का दायरा 7.5 अरब डॉलर से अधिक है, जिसमें करीब 880 मिलियन डॉलर की ग्रांट सहायता शामिल है।
दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, विकास और जन-केंद्रित परियोजनाओं पर जारी सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
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