G20 बैठक में पीयूष गोयल ने उठाया खाद्य सुरक्षा का मुद्दा, भोजन को हथियार बनाने के खिलाफ बनी सहमति

अमेरिका के मिल्वौकी में आयोजित G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने खाद्य सुरक्षा, किसानों के हित और नियम आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर भारत का पक्ष रखा। बैठक में व्यापारिक कार्रवाइयों के जरिए भोजन को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने से जुड़े G20 वक्तव्य पर सहमति बनी।

Oct 02, 2026 - 11:47
0 0
G20 बैठक में पीयूष गोयल ने उठाया खाद्य सुरक्षा का मुद्दा, भोजन को हथियार बनाने के खिलाफ बनी सहमति

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के मिल्वौकी में आयोजित G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भारत का पक्ष रखा। बैठक के उद्घाटन सत्र और भोजन एवं व्यापार से जुड़े सत्र में उन्होंने खाद्य सुरक्षा, किसानों के हित तथा नियम आधारित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को लेकर भारत की प्रतिबद्धता सामने रखी।

पीयूष गोयल ने खाद्य एवं व्यापार से संबंधित चर्चा में खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए G20 की अमेरिकी अध्यक्षता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत की नीतियों में सभी लोगों के लिए पर्याप्त खाद्य उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ किसानों के लिए नए अवसर पैदा करना महत्वपूर्ण लक्ष्य है।

खाद्य संकट पर जताई चिंता

केंद्रीय मंत्री ने वैश्विक संघर्षों के कारण खाद्य, ईंधन और उर्वरकों की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों का असर विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ा है। उन्होंने उर्वरकों की संभावित कमी को भविष्य में खाद्य सुरक्षा के लिए चुनौती बताते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और स्थिर आपूर्ति व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया।

कोविड के दौरान भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख

पीयूष गोयल ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महामारी के कठिन दौर में भारत ने बड़ी आबादी के लिए खाद्य उपलब्धता सुनिश्चित की और जरूरतमंद देशों को भी अनाज उपलब्ध कराया।

उन्होंने सार्वजनिक खाद्य भंडार व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत छोटे और सीमांत किसानों से अनाज की खरीद करता है। उत्पादन में कमी जैसी परिस्थितियों में खाद्य उपलब्धता और कीमतों को स्थिर रखने के लिए पारदर्शी एवं अस्थायी उपाय किए जाते हैं।

WTO की भूमिका पर भारत का जोर

पीयूष गोयल ने नियम आधारित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था निष्पक्ष, पारदर्शी, समावेशी और भेदभाव रहित होनी चाहिए तथा इसमें विश्व व्यापार संगठन (WTO) की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने G20 कृषि बाजार सूचना प्रणाली और WTO के 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में विश्व खाद्य कार्यक्रम की खरीद को निर्यात प्रतिबंधों से छूट देने से जुड़े फैसले का भी उल्लेख किया।

भोजन को हथियार बनाने के मुद्दे पर G20 में सहमति

G20 व्यापार मंत्रियों ने व्यापारिक कार्रवाइयों के माध्यम से भोजन को हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने से संबंधित एक वक्तव्य पर सहमति जताई। बैठक में इस विषय पर आगे भी सहयोग बनाए रखने की इच्छा व्यक्त की गई।

रॉकवेल ऑटोमेशन के संयंत्र का किया दौरा

बैठक से पहले पीयूष गोयल ने अन्य G20 व्यापार मंत्रियों और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जेमिसन ग्रीर के साथ विस्कॉन्सिन के मेक्वॉन स्थित रॉकवेल ऑटोमेशन के कार्यालय और कारखाने का दौरा किया।

कई देशों के प्रतिनिधियों से द्विपक्षीय चर्चा

G20 बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न प्रमुख साझेदार देशों के व्यापार मंत्रियों और प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की। इन बैठकों में व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

इसके अलावा पीयूष गोयल मिल्वौकी आर्ट म्यूजियम में आयोजित स्वागत भोज में भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम की मेजबानी अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जेमिसन ग्रीर और अमेरिका के कृषि विभाग के सेक्रेटरी रॉलिन्स ने की।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User