2036 ओलंपिक के लिए आज से तैयार होगी नई पीढ़ी, पीएम मोदी ने युवा खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

खेलो इंडिया संवाद में पीएम मोदी ने 2036 ओलंपिक की तैयारियों, युवा प्रतिभाओं की खोज और आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को लेकर सरकार की योजनाओं पर बात की।

Aug 27, 2026 - 15:14
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2036 ओलंपिक के लिए आज से तैयार होगी नई पीढ़ी, पीएम मोदी ने युवा खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ कार्यक्रम के जरिए देश के युवा खिलाड़ियों से संवाद किया। उन्होंने राष्ट्रीय खेल दिवस के संदर्भ में महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए खेलों को भारत की युवा शक्ति और विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ने पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि खेलों का महत्व केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है। खेल व्यक्ति के आत्मविश्वास, अनुशासन और व्यक्तित्व को मजबूत करने के साथ परिवार, समाज और देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने का माध्यम भी हैं। उन्होंने ‘जो खेले वो खिले’ के विचार को आगे बढ़ाते हुए युवाओं की खेलों में ज्यादा भागीदारी की जरूरत बताई।

2036 ओलंपिक के लिए अभी से तैयारी

प्रधानमंत्री ने 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए प्रतिभाओं की पहचान जल्द शुरू करने की बात कही। उन्होंने बताया कि 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने के लिए देशव्यापी टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा। इसमें बच्चों की रुचि के साथ उनकी खेल क्षमता और उपयुक्तता को भी ध्यान में रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि जिन बच्चों में किसी विशेष खेल की क्षमता दिखाई देगी, उन्हें उसी क्षेत्र के अनुसार प्रशिक्षण और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

नए खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर

पीएम मोदी ने ओलंपिक में भारत की सीमित खेल भागीदारी को एक चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि देश को पारंपरिक खेलों के साथ-साथ सर्फिंग, स्पोर्ट क्लाइंबिंग और वॉटर एवं विंटर स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करनी चाहिए।

उन्होंने जिलों के स्तर पर ऐसे खेलों की पहचान करने की जरूरत बताई, जिनमें स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और युवाओं की प्रतिभा के आधार पर भारत आगे बढ़ सकता है।

आधुनिक खेल व्यवस्था तैयार करने की योजना

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने पर काम किया जा रहा है। खेल विश्वविद्यालयों, प्रशिक्षण केंद्रों, प्रतिभा पहचान और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण को एक-दूसरे से जोड़कर खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर देने की दिशा में प्रयास जारी हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे देशों के साथ खेलों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने से भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभव और सुविधाएं मिल सकती हैं।

युवाओं के सुझावों को मिलेगा महत्व

पीएम मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ को युवाओं और सरकार के बीच विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि खेलों की व्यवस्था, प्रतिभा विकास, प्रशासन और विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़े विषयों पर युवाओं के विचारों को सुना जाएगा।

पैरा एथलीटों का उदाहरण

खेलों की प्रेरणादायक शक्ति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने पैरा एथलीटों की उपलब्धियों को युवाओं के लिए उदाहरण बताया। उन्होंने विभिन्न खिलाड़ियों की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि खेल मुश्किल परिस्थितियों से लड़ने, असफलता के बाद दोबारा उठने और लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास करने की क्षमता विकसित करता है।

उन्होंने खेलों को स्वस्थ जीवनशैली से भी जोड़ा और कहा कि खेल युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

‘प्ले ग्राउंड’ को बताया जरूरी

प्रधानमंत्री ने युवाओं में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि का उल्लेख करते हुए कहा कि रेस, योग, पिकल बॉल और बैडमिंटन जैसी गतिविधियों में लोगों की भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने युवाओं से स्क्रीन पर समय बिताने के बजाय मैदान और खेल गतिविधियों को अधिक महत्व देने का आह्वान किया।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है और खेल के मैदान से लेकर समाज के अन्य क्षेत्रों तक युवाओं की सक्रिय भागीदारी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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