नवरात्रि 2026: पीएम मोदी ने मां चंद्रघंटा पर साझा किया संस्कृत श्लोक

नवरात्रि 2026 के तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां चंद्रघंटा की पूजा के अवसर पर दुर्गा सप्तशती की नारायणी स्तुति का श्लोक साझा किया। जानिए इसका हिंदी भावार्थ, मां चंद्रघंटा का स्वरूप और इस स्तुति का धार्मिक महत्व।

Oct 13, 2026 - 09:01
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नवरात्रि 2026: पीएम मोदी ने मां चंद्रघंटा पर साझा किया संस्कृत श्लोक
नवरात्रि 2026: पीएम मोदी ने मां चंद्रघंटा पर साझा किया संस्कृत श्लोक

नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत श्लोक साझा किया। इस श्लोक के जरिए उन्होंने देवी की महिमा का वर्णन किया और उनके आशीर्वाद से मुक्ति प्राप्त होने के आध्यात्मिक संदेश को सामने रखा।

पीएम मोदी ने साझा की नारायणी स्तुति

प्रधानमंत्री मोदी ने दुर्गा सप्तशती के देवी माहात्म्य में वर्णित ‘नारायणी स्तुति’ के एक श्लोक को पोस्ट किया। श्लोक में देवी को अनंत शक्ति वाली वैष्णवी शक्ति, संपूर्ण सृष्टि का मूल आधार और परम माया के रूप में नमन किया गया है।

श्लोक इस प्रकार है—

“त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया।

सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥”

क्या है श्लोक का हिंदी अर्थ?

इस संस्कृत श्लोक का भावार्थ है कि हे देवी, आप वैष्णवी शक्ति हैं और आपका पराक्रम अनंत है। आप समस्त संसार की मूल शक्ति और परम माया हैं। संपूर्ण जगत आपकी शक्ति से प्रभावित है। जब आप प्रसन्न होती हैं, तब पृथ्वी पर प्राणियों के लिए मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

यह स्तुति देवी की सर्वोच्च शक्ति और सृष्टि में उनकी भूमिका को रेखांकित करती है।

नारायणी स्तुति का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी माहात्म्य में वर्णित नारायणी स्तुति में देवताओं ने देवी की विजय के बाद उनकी आराधना की और उनके विभिन्न दिव्य स्वरूपों की प्रशंसा की। इस स्तुति में देवी को संसार की रक्षा करने वाली और दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली शक्ति के रूप में चित्रित किया गया है।

मां चंद्रघंटा की पूजा का महत्व

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान होने के कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। धार्मिक चित्रण में देवी के दस हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र सुशोभित हैं और उनका वाहन सिंह है।

मां चंद्रघंटा का स्वरूप साहस, शौर्य, शांति और नकारात्मक शक्तियों के विनाश का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से उनकी पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साझा किया गया यह श्लोक नवरात्रि के अवसर पर देवी की शक्ति, कृपा और आध्यात्मिक महत्व को स्मरण करने का संदेश देता है।

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