PM Modi Navratri Message: पीएम मोदी ने साझा किया ‘नारायणी नमस्तुते’ भजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री को नमन करते हुए देवी दुर्गा की स्तुति से जुड़ा ‘नारायणी नमस्तुते’ भजन साझा किया। उन्होंने भक्तों के जीवन में यश, कीर्ति और सफलता की कामना की। जानिए मां सिद्धिदात्री के दिव्य स्वरूप, आठ सिद्धियों और भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के बारे में।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन देवी दुर्गा की आराधना करते हुए भक्तों के सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देवी स्तुति से जुड़ा भजन साझा किया और मां के आशीर्वाद से लोगों को जीवन में यश, कीर्ति तथा सफलता मिलने की मंगलकामना की।
पीएम मोदी ने साझा किया ‘नारायणी नमस्तुते’ भजन
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में मां के आशीर्वाद से सभी के जीवन में सकारात्मकता और उन्नति की कामना की। उन्होंने वीरेंद्रकृष्ण भद्र की आवाज में प्रस्तुत भजन ‘नारायणी नमस्तुते’ का यूट्यूब लिंक भी साझा किया। इस भजन में देवी दुर्गा की महिमा और उनके दिव्य स्वरूप का गुणगान किया गया है।
देवी स्तुति का संस्कृत श्लोक भी किया था साझा
इससे पहले पीएम मोदी ने श्रीदेवीकवचम् से जुड़ा एक संस्कृत श्लोक साझा किया था, जिसमें देवी की भक्ति और उनकी कृपा का महत्व बताया गया है।
श्लोक में कहा गया है कि जो लोग श्रद्धा के साथ देवी का स्मरण करते हैं, उनकी उन्नति होती है और देवी अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। यह संदेश आस्था, विश्वास और देवी के प्रति समर्पण की भावना को दर्शाता है।
मां सिद्धिदात्री के स्वरूप की धार्मिक मान्यता
नवरात्र के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ‘सिद्धि’ का अर्थ विशेष उपलब्धि या आध्यात्मिक शक्ति और ‘दात्री’ का अर्थ प्रदान करने वाली है। मां सिद्धिदात्री को आठ सिद्धियां देने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।
उनके साथ अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशत्व और वशित्व नामक आठ सिद्धियों का उल्लेख मिलता है। देवी का वाहन सिंह माना गया है और उनकी चार भुजाओं में गदा, चक्र, कमल तथा शंख विराजमान रहते हैं। भक्त इस स्वरूप को शक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक पूर्णता का प्रतीक मानते हैं।
शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप से जुड़ी मान्यता
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को मां सिद्धिदात्री की कृपा से सिद्धियां प्राप्त हुई थीं। यह भी माना जाता है कि देवी की अनुकंपा से शिव ने अर्धनारीश्वर स्वरूप धारण किया। यह स्वरूप शिव और शक्ति की एकता तथा स्त्री-पुरुष ऊर्जा के संतुलन को दर्शाता है।
नवरात्र के अवसर पर प्रधानमंत्री के संदेश और साझा की गई देवी स्तुति ने धार्मिक आस्था, भक्ति और मंगलकामना से जुड़े भावों को सामने रखा।
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