Prof GP Talwar: AIIMS में 100वें जन्मवर्ष पर वैज्ञानिक जीपी तलवार को किया गया याद
AIIMS में प्रो. जीपी तलवार के 100वें जन्मवर्ष पर विशेष समारोह हुआ। वैज्ञानिकों और पूर्व छात्रों ने इम्यूनोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और प्रजनन स्वास्थ्य में उनके लंबे शोध योगदान को याद किया।
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में देश के प्रमुख वैज्ञानिकों में शामिल प्रो. जी.पी. तलवार के 100वें जन्मवर्ष के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में भारत और विदेश से आए वैज्ञानिकों, उनके पूर्व छात्रों और संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके लंबे वैज्ञानिक जीवन और शोध योगदान को याद किया।
प्रो. तलवार AIIMS के शुरुआती संस्थापक शिक्षकों में शामिल रहे हैं और छह दशक से अधिक समय तक विज्ञान एवं शोध के क्षेत्र में सक्रिय रहे।
जीवन और वैज्ञानिक योगदान पर कॉफी टेबल बुक
समारोह में प्रो. तलवार के जीवन, शोध कार्य और वैज्ञानिक विरासत पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। इसमें उनके पूर्व छात्रों और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे वैज्ञानिकों के संदेशों को शामिल किया गया है।
इस पुस्तक के जरिए उनके वैज्ञानिक सफर और आने वाली पीढ़ियों पर पड़े प्रभाव को दस्तावेज के रूप में सामने लाने का प्रयास किया गया है।
इम्यूनोलॉजी और प्रजनन स्वास्थ्य में अहम शोध
प्रो. जी.पी. तलवार ने इम्यूनोलॉजी और बायोमेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में लंबे समय तक काम किया। उनके शोध में प्रजनन स्वास्थ्य और परिवार नियोजन के लिए वैक्सीन विकसित करने की दिशा में किए गए प्रयास भी शामिल रहे।
उनके अकादमिक योगदान का दायरा बायोकैमिस्ट्री, इम्यूनोलॉजी और संबंधित जैव-चिकित्सा अनुसंधान तक फैला रहा। उनके नाम से 300 से अधिक शोध-पत्र और कई अकादमिक कार्य जुड़े हैं।
AIIMS में बायोकैमिस्ट्री विभाग को मजबूत किया
प्रो. तलवार ने AIIMS में बायोकैमिस्ट्री के क्षेत्र में संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे 1965 से 1983 तक AIIMS में बायोकैमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख रहे।
इसके बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (NII) के संस्थापक निदेशक के रूप में भी काम किया। इससे भारत में इम्यूनोलॉजी के क्षेत्र में संस्थागत शोध को बढ़ावा मिला।
वैज्ञानिकों की नई पीढ़ी तैयार करने में भूमिका
प्रो. तलवार के मार्गदर्शन में काम करने वाले कई शोधकर्ता आगे चलकर भारत और विदेश के प्रमुख वैज्ञानिक एवं शोध संस्थानों से जुड़े। उनके योगदान को केवल शोध उपलब्धियों तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि वैज्ञानिक प्रतिभाओं को तैयार करने में उनकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया जाता है।
समारोह में उनके पूर्व छात्रों और सहयोगियों ने इसी वैज्ञानिक विरासत को याद किया।
पद्म भूषण समेत कई सम्मान
प्रो. जी.पी. तलवार को भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया है। उन्हें फ्रांस के प्रतिष्ठित ऑफिसियर दे ला लेजिओं द ऑनर सम्मान से भी नवाजा गया है। वे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्थाओं से जुड़े रहे हैं।
समारोह में कुछ वक्ताओं ने उनके वैज्ञानिक योगदान के लिए भारत रत्न दिए जाने की मांग भी रखी। यह मांग कार्यक्रम में वक्ताओं की राय के रूप में सामने आई।
पूर्व छात्रों और सहयोगियों ने किया आयोजन
कार्यक्रम के संयोजक और कॉफी टेबल बुक के संपादक डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि आयोजन प्रो. तलवार के देश-विदेश में मौजूद पूर्व छात्रों और सहयोगियों के स्वैच्छिक सहयोग से किया गया।
उन्होंने प्रो. तलवार की पत्नी रक्षा तलवार के योगदान का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के समापन पर AIIMS की प्रोफेसर और मीडिया सलाहकार डॉ. रीमा दादा ने आयोजन को व्यापक रूप से सामने लाने में सहयोग के लिए मीडिया का आभार जताया।
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