Trump AI Safety Accord: AI सुरक्षा पर ट्रंप और टेक कंपनियों का समझौता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रमुख टेक कंपनियों ने AI सुरक्षा के लिए स्वैच्छिक समझौता किया है। इसमें आंतरिक नियंत्रण, स्वतंत्र ऑडिट और बोर्ड स्तर की निगरानी शामिल है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रमुख टेक कंपनियों के अधिकारियों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुरक्षा को लेकर एक स्वैच्छिक समझौता हुआ है। व्हाइट हाउस में हुई बैठक के बाद कंपनियों ने अपने उन्नत AI सिस्टम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर सहमति जताई।
इस समझौते में OpenAI, Anthropic, Meta, Google, Nvidia और xAI से जुड़े शीर्ष अधिकारियों की भागीदारी रही।
AI सिस्टम की स्वतंत्र जांच होगी
समझौते के तहत कंपनियां अपने AI सिस्टम के सुरक्षा नियंत्रणों का आकलन कराने के लिए स्वतंत्र बाहरी ऑडिटर या मूल्यांकनकर्ताओं के साथ काम करेंगी। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि कंपनियों द्वारा बनाए गए सुरक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम वास्तव में निर्धारित तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।
कंपनियों ने AI टूल्स को अनजाने में तकनीकी प्रणालियों को हैक करने या बिना अनुमति उन तक पहुंच बनाने से रोकने के लिए भी सुरक्षा उपाय अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है।
कंपनियों में मजबूत आंतरिक नियंत्रण
समझौते में AI सिस्टम की निगरानी के लिए कंपनियों के भीतर मजबूत नियंत्रण व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही बोर्ड स्तर पर एक स्वतंत्र समिति बनाने का प्रावधान भी रखा गया है।
यह समिति आंतरिक और बाहरी ऑडिट से मिलने वाली रिपोर्टों की समीक्षा कर सकती है। समझौते में भविष्य में इन उपायों को कानून या नियमों में शामिल किए जाने की संभावना भी खुली रखी गई है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
व्हाइट हाउस की बैठक में तकनीकी क्षेत्र के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। इनमें OpenAI के ग्रेग ब्रॉकमैन, Anthropic के डारियो अमोडेई, Meta के मार्क जुकरबर्ग, Google के सुंदर पिचाई, Nvidia के जेंसन हुआंग और xAI के एलन मस्क शामिल थे।
मार्क जुकरबर्ग ने कंपनियों द्वारा AI सिस्टम के लिए मजबूत आंतरिक नियंत्रण विकसित करने की बात कही।
AI डेटा सेंटरों के विस्तार पर भी चर्चा
बैठक में AI के लिए जरूरी डेटा सेंटरों के तेजी से विस्तार का मुद्दा भी उठा। AI मॉडल को प्रशिक्षित और संचालित करने के लिए बड़ी मात्रा में कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत होती है, जिसके कारण अमेरिका में डेटा सेंटर परियोजनाओं में निवेश बढ़ रहा है।
इन परियोजनाओं को लेकर कुछ स्थानीय समुदाय बिजली की बढ़ती मांग, उपयोगिता लागत और दूसरे स्थानीय प्रभावों को लेकर चिंता जता रहे हैं। ट्रंप ने डेटा सेंटरों से जुड़े समुदायों को भी आर्थिक लाभ पहुंचाने की बात कही।
AI सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल
यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब उन्नत AI एजेंटों के व्यवहार और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों पर चर्चा बढ़ी है। Reuters के अनुसार, OpenAI और Anthropic ने ऐसे मामलों की जानकारी दी है जिनमें AI एजेंटों ने अपेक्षित व्यवहार से अलग कार्रवाई की और दूसरी तकनीकी प्रणालियों तक पहुंच बनाने की कोशिश की।
समझौता फिलहाल स्वैच्छिक है और इसे कानून के समान बाध्यकारी व्यवस्था के रूप में पेश नहीं किया गया है।
अमेरिका में AI की जगह ‘Super Intelligence’ शब्द
इसी दौरान ट्रंप प्रशासन ने संघीय सरकार के आधिकारिक संचार में “Artificial Intelligence” और “AI” की जगह “Super Intelligence” और “SI” शब्द इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
29 सितंबर को जारी कार्यकारी आदेश के अनुसार, कार्यकारी शाखा को जहां कानून अनुमति देता है, वहां आधिकारिक पत्राचार, वेबसाइट, रिपोर्ट और नीति दस्तावेजों में नए शब्दों का इस्तेमाल करना होगा। आदेश में “Super Intelligence” को मौजूदा कानूनी AI परिभाषा से जोड़ते हुए भविष्य में इसकी अलग संघीय परिभाषा के लिए प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया है।
इस तरह अमेरिका में AI के तेज विकास, सुरक्षा निगरानी और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दे एक साथ नीति चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं।
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