रामधारी सिंह दिनकर जयंती: पीएम मोदी ने किया नमन, कहा- उनकी रचनाएं आज भी जगाती हैं राष्ट्रीय चेतना
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने दिनकर की साहित्यिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना जगाने वाली रचनाओं को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिनकर की साहित्यिक विरासत को याद करते हुए कहा कि उनकी प्रभावशाली कविताओं में जनचेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना दिखाई देती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दिनकर की रचनाएं आज भी लोगों में साहस, आत्मगौरव और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने दिनकर के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व और उनकी कालजयी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।
ओम बिरला ने भी किया दिनकर को याद
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी रामधारी सिंह दिनकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि हिंदी साहित्य में दिनकर का योगदान केवल एक कवि के रूप में सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने राष्ट्रीय चेतना, जनभावनाओं और सामाजिक विषयों को अपनी रचनाओं में प्रभावी स्वर दिया।
बिरला ने दिनकर की प्रमुख कृतियों ‘रश्मिरथी’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘उर्वशी’, ‘रेणुका’ और ‘संस्कृति के चार अध्याय’ का उल्लेख किया। उनके अनुसार इन रचनाओं ने हिंदी साहित्य को समृद्ध करने के साथ भारतीय समाज और राष्ट्रचिंतन को भी प्रभावित किया।
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी याद किया कि दिनकर तीन बार राज्यसभा के सदस्य रहे और उन्होंने सार्वजनिक जीवन में भी अपनी भूमिका निभाई।
कई केंद्रीय मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी रामधारी सिंह दिनकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी महान साहित्यकार को नमन करते हुए उनके साहित्यिक योगदान को याद किया।
नेताओं ने कहा कि दिनकर की रचनाओं में साहस, आत्मसम्मान, कर्तव्य और सामाजिक चेतना जैसे विषय प्रमुखता से दिखाई देते हैं। उनकी साहित्यिक विरासत आज भी हिंदी साहित्य और राष्ट्रचिंतन के क्षेत्र में प्रासंगिक बनी हुई है।
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