सिडबी-आरआरबी को-लेंडिंग सुविधा का होगा विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों के MSME को आसान कर्ज की उम्मीद

सिडबी ने नई दिल्ली में 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों के साथ को-लेंडिंग सुविधा के विस्तार पर चर्चा की। इसका उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में MSME तक आसान, तेज और डिजिटल तरीके से ऋण पहुंचाना है।

Aug 26, 2026 - 18:23
0 0
सिडबी-आरआरबी को-लेंडिंग सुविधा का होगा विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों के MSME को आसान कर्ज की उम्मीद

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक यानी सिडबी ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों यानी MSME तक ऋण की पहुंच बढ़ाने की दिशा में कदम तेज कर दिया है। इसी उद्देश्य से 25 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सिडबी-आरआरबी MSME को-लेंडिंग सुविधा के विस्तार को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित किया गया।

बैठक में देश के सभी 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अध्यक्षों के साथ वित्तीय सेवाएं विभाग, सिडबी और नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव संजय लोहिया ने की।

ग्रामीण MSME तक कर्ज पहुंचाने पर जोर

बैठक में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले MSME के लिए ऋण सुविधा बेहतर बनाने पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था में सिडबी की MSME वित्त से जुड़ी विशेषज्ञता और आरआरबी की गांवों तथा छोटे शहरों में मौजूद मजबूत शाखा नेटवर्क का फायदा उठाया जा सकता है।

इस साझेदारी के जरिए उन छोटे कारोबारियों तक भी औपचारिक ऋण पहुंचाने की कोशिश होगी, जिन्हें कर्ज हासिल करने में कई तरह की व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

RRB के लोन पोर्टफोलियो में विविधता

को-लेंडिंग मॉडल से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को अपने ऋण पोर्टफोलियो में MSME लोन की हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था में नियम आधारित अंडरराइटिंग पर जोर रहेगा, जिससे ऋण वितरण के साथ परिसंपत्ति गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।

MSME क्लस्टर डेटा का इस्तेमाल

सम्मेलन में MSME क्लस्टर से जुड़े आंकड़ों के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। उपलब्ध डेटा के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद कारोबारों की जरूरत को समझकर लक्षित ऋण रणनीति तैयार की जा सकती है।

अधिकारियों ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से देश में आधुनिक विनिर्माण क्षमता के विस्तार में योगदान देने का भी आह्वान किया।

रोजगार मेलों में वित्तीय जागरूकता

बैठक में आरआरबी को राज्य सरकारों की ओर से आयोजित रोजगार मेलों में सक्रिय भागीदारी करने का सुझाव दिया गया। इसका उद्देश्य MSME और छोटे कारोबारियों के बीच वित्तीय योजनाओं तथा ऋण सुविधाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।

आरआरबी की शाखाओं में MSME को को-लेंडिंग सुविधा के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने को भी महत्वपूर्ण लक्ष्य के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से कागजरहित होगी प्रक्रिया

सिडबी ने को-लेंडिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इसके माध्यम से ऋण आवेदन से लेकर स्वीकृति और वितरण तक की प्रक्रिया को अधिक तेज और कागजरहित बनाने का प्रयास किया गया है।

पोर्टल पर जरूरी जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद आवेदक को कम समय में सैद्धांतिक स्वीकृति की जानकारी मिल सकती है।

बैंक शाखा जाने की जरूरत कम होगी

डिजिटल दस्तावेजीकरण और ऑनलाइन वितरण व्यवस्था का एक प्रमुख फायदा यह है कि ग्राहक को लोन प्रक्रिया के हर चरण में बैंक शाखा जाने की आवश्यकता नहीं पड़ सकती। स्वीकृत ऋण राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जा सकती है।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे कारोबारियों के लिए ऋण प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और समय बचाने वाली बनने की उम्मीद है।

तीन RRB में पायलट के सकारात्मक नतीजे

सिडबी के अनुसार, तीन क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में को-लेंडिंग मॉडल का पायलट परीक्षण किया जा चुका है और इसके शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं।

अब इस सुविधा को अधिक RRB तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके विस्तार से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खास तौर पर सूक्ष्म और छोटे कारोबारियों की कार्यशील पूंजी तथा अन्य व्यावसायिक जरूरतों के लिए औपचारिक ऋण तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।

छोटे कारोबार को मिल सकता है बढ़ावा

सिडबी और आरआरबी की साझेदारी का व्यापक उद्देश्य MSME क्षेत्र को मजबूत करना है। आसान डिजिटल ऋण, स्थानीय स्तर पर बैंकिंग पहुंच और MSME वित्त की विशेषज्ञता को एक साथ लाकर छोटे कारोबारियों के लिए वित्तीय सहायता का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में छोटे उद्योगों, रोजगार और स्थानीय कारोबार को भी गति मिलने की संभावना है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User