UNGA 81: जयशंकर ने P4M Summit में बहुपक्षवाद मजबूत करने पर दिया जोर

UNGA 81 के दौरान एस. जयशंकर ने एंटोनियो कोस्टा के साथ P4M Summit की सह-अध्यक्षता की। उन्होंने बहुपक्षवाद, अंतरराष्ट्रीय कानून, शांति, सप्लाई चेन, जलवायु और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।

Sep 22, 2026 - 11:53
0 0
UNGA 81: जयशंकर ने P4M Summit में बहुपक्षवाद मजबूत करने पर दिया जोर

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के हाई-लेवल वीक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ Partners for Multilateralism, International Law, Peace & Prosperity (P4M) Summit की सह-अध्यक्षता की। 21 सितंबर को आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य बहुपक्षीय व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करना था।

जयशंकर ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक व्यवस्था कई तरह के दबावों का सामना कर रही है। उनके मुताबिक शक्ति संतुलन में बदलाव के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा, भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सामने नई चुनौतियां खड़ी की हैं।

बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की जरूरत

विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में बहुपक्षवाद को मजबूत तरीके से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग केवल बयानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका असर उन मुद्दों पर भी दिखना चाहिए जिनका दुनिया भर के लोगों के जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

जयशंकर ने शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई और जलवायु न्याय, नई तकनीक, विकास के लिए वित्त, आतंकवाद से मुकाबला, मजबूत सप्लाई चेन, आपदा प्रबंधन और महामारी की तैयारी जैसे मुद्दों का उल्लेख किया।

‘4-F संकट’ पर भी जताई चिंता

विदेश मंत्री ने फ्यूल, फूड, फर्टिलाइजर और फाइनेंस यानी 4-F से जुड़े संकटों को भी प्रमुख चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को अपने आप हल होने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।

उन्होंने महत्वपूर्ण सप्लाई और व्यापारिक मार्गों पर अत्यधिक निर्भरता से जुड़े जोखिम कम करने तथा वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। नई तकनीकों और उभरती क्षमताओं के साथ नई चिंताएं भी पैदा हो रही हैं, इसलिए उनके लिए स्पष्ट नियम, संस्थागत ढांचे और सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।

अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर

जयशंकर ने कहा कि बहुपक्षीय सहयोग को प्रभावी बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून, नियमों और स्थापित मानकों का गंभीरता से पालन जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल बहुपक्षीय व्यवस्था का समर्थन करना पर्याप्त नहीं है। संस्थाओं की कार्यप्रणाली और निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक सहभागी और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है। भारत 81वें UNGA सत्र के लिए अपनी प्राथमिकताओं में बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र सुधार को महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल कर चुका है।

P4M में कई देशों की भागीदारी

P4M पहल में ऑस्ट्रेलिया, बारबाडोस, ब्राजील, कनाडा, यूरोपीय संघ, भारत और केन्या प्रारंभिक सह-प्रायोजक हैं। सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के देशों को एक मंच पर लाकर संवाद, गठबंधन निर्माण और व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

घोषणा में संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को अधिक प्रभावी, प्रतिनिधित्वकारी और समावेशी बनाने के लिए सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया गया। इसमें जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय वित्त जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही गई है।

मोल्दोवा और यूक्रेन के विदेश मंत्रियों से भी मुलाकात

UNGA के दौरान जयशंकर ने मोल्दोवा के विदेश मंत्री मिहाई पोपसोई से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-मोल्दोवा के राजनीतिक, आर्थिक और शिक्षा संबंधों में हुई प्रगति पर चर्चा हुई। बातचीत में यूक्रेन संघर्ष से जुड़े विचार भी साझा किए गए।

जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से भी मुलाकात की। यह बैठक उनकी हालिया यूक्रेन यात्रा के बाद हुई। दोनों पक्षों ने हाल के घटनाक्रम और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। यूक्रेनी पक्ष ने भारत की ओर से काला सागर में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने से जुड़े प्रयासों में रुचि का भी उल्लेख किया है।

UNGA 81 के हाई-लेवल वीक में जयशंकर की ये बैठकें भारत के बहुपक्षीय सहयोग, द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर कूटनीतिक संवाद के एजेंडे का हिस्सा हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User