AI Data Centers: डेटा सेंटर का विरोध करने वाले इलाके खो सकते हैं बड़ा आर्थिक मौका, अमेरिकी मंत्री की चेतावनी
अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक ने AI डेटा सेंटरों का विरोध करने वाले क्षेत्रों को आर्थिक नुकसान की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि विरोध के कारण निवेश, रोजगार और टैक्स राजस्व के अवसर दूसरे इलाकों में जा सकते हैं।
अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े डेटा सेंटरों को लेकर चल रही बहस पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं और भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। उनके मुताबिक, जो समुदाय AI डेटा सेंटरों का विरोध करेंगे, वे निवेश, रोजगार और टैक्स से होने वाली आय जैसे बड़े आर्थिक फायदों से वंचित रह सकते हैं।
नॉर्थ कैरोलिना के चैपल हिल में आयोजित G20 इनोवेशन मिनिस्टीरियल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में लटनिक ने अमेरिका में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का समर्थन किया। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब ऑरेंज काउंटी में बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के निर्माण पर एक साल की रोक लगाए जाने का मुद्दा सामने आया।
विरोध से दूसरे क्षेत्रों में जा सकता है निवेश
लटनिक ने कहा कि यदि कोई क्षेत्र डेटा सेंटर परियोजनाओं को रोकता है तो कंपनियां दूसरे इलाकों का रुख कर सकती हैं। ऐसे में जिस क्षेत्र ने परियोजना का विरोध किया है, वहां निवेश और उससे जुड़े आर्थिक लाभ आने की संभावना कम हो जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र इन परियोजनाओं को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। ऐसे इलाकों को निवेश, रोजगार और स्थानीय राजस्व का लाभ मिल सकता है।
AI के भविष्य के लिए अहम हैं डेटा सेंटर
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री के अनुसार, अत्याधुनिक AI मॉडल को संचालित करने के लिए बड़े स्तर के डेटा सेंटर जरूरी होंगे। उनका कहना है कि AI के जरिए दुनिया भर में उपलब्ध ज्ञान और तकनीकी क्षमताओं को अलग-अलग अर्थव्यवस्थाओं और समुदायों तक पहुंचाया जा सकता है।
लटनिक ने डेटा सेंटरों को लेकर बिजली की कीमतों और स्थानीय संसाधनों पर पड़ने वाले दबाव से जुड़ी चिंताओं को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को लेकर नकारात्मक धारणा बनाई जा रही है और कंपनियां अपनी ऊर्जा जरूरतों की व्यवस्था करने की दिशा में काम कर रही हैं।
स्थानीय लोगों की चिंताओं को दूर करने की सलाह
लटनिक ने AI डेटा सेंटर विकसित करने वाली कंपनियों से स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर संवाद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कंपनियों को लोगों को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए और बिजली की कीमतों समेत उनकी प्रमुख चिंताओं का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में उन क्षेत्रों को अपने फैसलों पर पछतावा हो सकता है, जिन्होंने डेटा सेंटर परियोजनाओं का विरोध किया। उनके मुताबिक, जब दूसरे क्षेत्रों में निवेश और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, तब विरोध करने वाले समुदायों को अपने यहां खोए अवसर का एहसास हो सकता है।
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