ASEAN Diplomats BrahMos Visit: आसियान राजनयिकों ने किया ब्रह्मोस मुख्यालय का दौरा
सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग समेत आसियान देशों के राजनयिकों ने नई दिल्ली स्थित ब्रह्मोस मुख्यालय का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने भारत की रक्षा तकनीक और ब्रह्मोस प्रणाली की इंजीनियरिंग के बारे में जानकारी ली।
नई दिल्ली में ASEAN देशों के राजनयिकों के एक समूह ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुख्यालय का दौरा किया। सिंगापुर के भारत में उच्चायुक्त साइमन वोंग समेत विभिन्न ASEAN देशों के राजनयिक इस दौरे में शामिल हुए। यात्रा के दौरान प्रतिनिधियों ने भारत की रक्षा औद्योगिक क्षमता और ब्रह्मोस प्रणाली से जुड़ी तकनीक के बारे में जानकारी ली।
साइमन वोंग ने साझा की तस्वीरें
साइमन वोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दौरे की तस्वीरें साझा करते हुए इसे भारत के रक्षा उद्योग और ब्रह्मोस के पीछे की इंजीनियरिंग को समझने का अवसर बताया।
उन्होंने मेजबानों के स्वागत के लिए धन्यवाद दिया और इस यात्रा के आयोजन में नई दिल्ली स्थित फिलीपींस दूतावास की भूमिका का भी उल्लेख किया।
फिलीपींस रहा पहला विदेशी ग्राहक
ब्रह्मोस के अंतरराष्ट्रीय विस्तार में फिलीपींस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। फिलीपींस ने जनवरी 2022 में भारत के साथ करीब 375 मिलियन डॉलर का समझौता किया था और वह ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम का पहला विदेशी ग्राहक बना।
समझौते के तहत फिलीपींस को तटीय रक्षा भूमिका के लिए ब्रह्मोस सिस्टम की आपूर्ति की गई। पहली खेप 2024 में पहुंचाई गई थी।
इंडोनेशिया के साथ भी हुआ रक्षा समझौता
भारत और इंडोनेशिया ने जुलाई 2026 में रक्षा सहयोग से जुड़े कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति से संबंधित समझौता भी शामिल था।
Reuters के अनुसार, समझौते में ब्रह्मोस के साथ भारत की अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल से जुड़ा सहयोग भी शामिल था।
वियतनाम के साथ भी बढ़ा सहयोग
भारत और वियतनाम के बीच भी ब्रह्मोस को लेकर बातचीत और समझौते की प्रक्रिया 2026 में आगे बढ़ी। मई 2026 में भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा था कि वियतनाम के साथ ब्रह्मोस से जुड़ा समझौता हो चुका है, हालांकि उस समय इसके सार्वजनिक ऐलान की स्थिति अलग थी।
भारत-ASEAN रक्षा सहयोग के संदर्भ में अहम दौरा
ASEAN राजनयिकों का ब्रह्मोस मुख्यालय पहुंचना भारत की रक्षा तकनीक और उत्पादन क्षमता को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ती रुचि को दर्शाता है। दौरे के दौरान प्रतिनिधियों को ब्रह्मोस की तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं से परिचित कराया गया।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस भारत के DRDO और रूस की NPO Mashinostroyenia (NPOM) के सहयोग से विकसित संयुक्त उद्यम है। कंपनी का मुख्यालय नई दिल्ली के दिल्ली कैंट क्षेत्र में स्थित है।
ब्रह्मोस की तकनीकी भूमिका
ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली है, जिसे अलग-अलग परिचालन जरूरतों के लिए विकसित किया गया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के अनुसार, इसकी प्रणालियों को एंटी-शिप और लैंड-अटैक भूमिकाओं के लिए विकसित किया गया है।
ASEAN देशों के राजनयिकों के इस दौरे से भारत की रक्षा तकनीक, उत्पादन क्षमता और क्षेत्रीय रक्षा सहयोग को लेकर संवाद का एक और मंच सामने आया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)