भगत सिंह जयंती 2026: पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने किया नमन
शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर पीएम मोदी, ओम बिरला समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साहस, विचारों तथा देश के लिए दिए सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
नई दिल्ली: महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं ने भगत सिंह के साहस, विचारों और देश के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भगत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके साहस और शौर्य ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा दी। पीएम ने भगत सिंह के बलिदान को देश के युवाओं के लिए साहस और प्रेरणा का प्रतीक बताया। भगत सिंह की जयंती पर प्रधानमंत्री द्वारा श्रद्धांजलि दिए जाने का उल्लेख PIB के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी है।
पीएम मोदी ने अपने वीडियो संदेश में भगत सिंह के निर्भीक व्यक्तित्व और देश के प्रति उनके समर्पण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। प्रधानमंत्री ने उनके उस पत्र का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश शासन से उन्हें और उनके साथियों के साथ युद्धबंदियों जैसा व्यवहार करने और फांसी के बजाय गोली से मृत्युदंड देने की मांग की थी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी भगत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन को युवा चेतना, वैचारिक साहस और अन्याय के खिलाफ संघर्ष से जोड़ा। उन्होंने कहा कि कम उम्र में भगत सिंह ने देश की स्वतंत्रता और सामाजिक परिवर्तन को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी भगत सिंह की जयंती पर उन्हें नमन किया। वहीं धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भगत सिंह का साहस, देशभक्ति और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
भाजपा सांसद संजय सेठ, संबित पात्रा और रमेश बिधूड़ी समेत अन्य नेताओं ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भगत सिंह को याद किया। नेताओं ने उनके स्वतंत्रता संघर्ष, त्याग और देश के प्रति समर्पण को श्रद्धांजलि दी।
युवाओं के लिए प्रेरणा हैं भगत सिंह
भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन प्रमुख क्रांतिकारियों में शामिल हैं, जिनका प्रभाव आज भी युवाओं और सामाजिक-राजनीतिक विमर्श में दिखाई देता है। उनके जीवन में साहस के साथ अध्ययन, विचार और सामाजिक बदलाव की चिंताएं भी महत्वपूर्ण थीं।
28 सितंबर को उनकी जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए उनके जीवन और योगदान को याद किया जाता है। भगत सिंह का नाम भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास में लंबे समय से बलिदान और क्रांतिकारी विचारों के साथ जुड़ा रहा है।
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