Archery World Cup Final 2026: धीरज बोम्मादेवरा ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला पुरुष रिकर्व गोल्ड

भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल 2026 में पुरुष रिकर्व वर्ग का गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने जापान के जुन्या नाकानिशी को शूट-ऑफ में 6-5 से हराया।

Sep 14, 2026 - 10:22
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Archery World Cup Final 2026: धीरज बोम्मादेवरा ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला पुरुष रिकर्व गोल्ड

साल्टिलो। भारतीय तीरंदाजी के लिए 2026 का आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल ऐतिहासिक बन गया है। भारत के 25 वर्षीय रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया। उन्होंने जापान के जुन्या नाकानिशी को बेहद रोमांचक मुकाबले में शूट-ऑफ के जरिए 6-5 से हराया।

इस जीत के साथ धीरज आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि ने भारत के 16 साल के इंतजार को भी खत्म कर दिया।

शूट-ऑफ में दिखाया शानदार संयम

धीरज और नाकानिशी के बीच फाइनल मुकाबला आखिरी तीर तक बेहद करीबी रहा। पांच सेट के बाद दोनों खिलाड़ियों के खाते में 5-5 सेट अंक थे, जिसके बाद विजेता का फैसला शूट-ऑफ से हुआ।

दबाव के इस निर्णायक क्षण में धीरज ने शानदार संयम दिखाते हुए 10 अंक हासिल किए। इसके जवाब में नाकानिशी का तीर 9 अंक पर रहा। इस एक अंक के अंतर ने धीरज को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल दिला दिया।

16 साल बाद भारत को मिली बड़ी कामयाबी

धीरज की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले पुरुष रिकर्व वर्ग में भारत के लिए जयंत तालुकदार ने 2010 में वर्ल्ड कप फाइनल में पदक जीता था। इसके बाद लंबे समय तक भारतीय पुरुष तीरंदाज इस प्रतिष्ठित सीजन-एंडिंग प्रतियोगिता में गोल्ड हासिल नहीं कर सके थे।

अब धीरज ने इस इंतजार को खत्म करते हुए भारत के नाम पहली पुरुष रिकर्व वर्ल्ड कप फाइनल चैंपियनशिप दर्ज कर दी है।

तीसरे प्रयास में धीरज ने हासिल किया सबसे बड़ा खिताब

धीरज बोम्मादेवरा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले वह वर्ल्ड कप फाइनल में दो बार पदक से दूर रहे थे। 2023 और 2024 के फाइनल में उन्हें सफलता नहीं मिली थी।

इस बार उन्होंने शानदार वापसी करते हुए नॉकआउट चरण में मजबूत प्रदर्शन किया और फाइनल तक पहुंचे। वर्ल्ड आर्चरी के रिकॉर्ड के अनुसार, धीरज 2026 फाइनल के पुरुष रिकर्व वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

डोला बनर्जी के बाद भारत का दूसरा व्यक्तिगत वर्ल्ड कप फाइनल गोल्ड

धीरज की ऐतिहासिक जीत ने भारतीय तीरंदाजी के रिकॉर्ड में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। इससे पहले डोला बनर्जी ने 2007 में महिला व्यक्तिगत वर्ग में वर्ल्ड कप फाइनल का खिताब जीता था।

अब धीरज पुरुष वर्ग में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। इस तरह भारत को व्यक्तिगत वर्ल्ड कप फाइनल में एक और गोल्ड मेडल मिला है।

साल्टिलो में भारत का नया तीरंदाजी सितारा

मैक्सिको के साल्टिलो में आयोजित 2026 आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में दुनिया के शीर्ष रिकर्व तीरंदाजों ने हिस्सा लिया। धीरज को टूर्नामेंट के लिए चुने गए आठ पुरुष रिकर्व खिलाड़ियों में जगह मिली थी।

फाइनल में नाकानिशी के खिलाफ उनकी जीत ने न सिर्फ उनके करियर का सबसे बड़ा खिताब दिलाया, बल्कि भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी के लिए भी एक नया मानक स्थापित कर दिया। दबाव में शूट-ऑफ के दौरान लगाया गया उनका 10 का निशाना लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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