BRICS Summit 2026: गुटेरेस ने शांति की अपील की, कहा- ग्लोबल साउथ पर पड़ रहा संघर्षों का सबसे ज्यादा असर
BRICS Summit 2026 में UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गाजा, मध्य पूर्व, यूक्रेन और सूडान समेत संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि समावेशी वैश्विक विकास के लिए शांति जरूरी है।
18वें BRICS शिखर सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दुनिया में जारी संघर्षों को समाप्त करने और शांति स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा युद्धों और तनाव का सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है। गुटेरेस ने गाजा, मध्य पूर्व, यूक्रेन, सूडान समेत अन्य संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति की जरूरत पर जोर दिया।
गुटेरेस के मुताबिक, दुनिया में समावेशी वैश्विक विकास तभी संभव है, जब देशों के बीच शांति और स्थिरता कायम हो। उन्होंने BRICS देशों से वैश्विक शांति और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का पालन जरूरी
BRICS Summit में पश्चिम एशिया से जुड़े कई प्रमुख नेता भी मौजूद रहे। इनमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद शामिल रहे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी सम्मेलन में मौजूद थे।
गुटेरेस ने सभी देशों से संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देशों को संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान खोजने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून तथा मानवाधिकार कानूनों का पालन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता पर भी जोर
UN महासचिव ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर आवागमन के अधिकार और स्वतंत्रता के सम्मान को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा और स्वतंत्र आवाजाही जरूरी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
मोदी की BRICS थीम का किया जिक्र
गुटेरेस ने भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के आधार पर आगे बढ़ना आज की जरूरत है।
उनके अनुसार, ये सभी तत्व समावेशी वैश्विक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए शांति सबसे जरूरी शर्तों में से एक है।
BRICS घोषणा-पत्र में भी शांति पर जोर
शनिवार को अपनाए गए BRICS संयुक्त घोषणा-पत्र में भी मध्य पूर्व, गाजा और सूडान समेत संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों को लेकर चिंता जताई गई। घोषणा में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की गई।
BRICS देशों ने ऐसे कदमों से बचने का आह्वान किया, जिनसे क्षेत्रीय स्थिति और खराब हो सकती है। घोषणा-पत्र में गाजा में युद्धविराम बनाए रखने की अपील के साथ फिलिस्तीनियों के मौलिक अधिकारों के समर्थन और उन्हें उनके घरों से जबरन बेदखल किए जाने के विरोध की बात भी कही गई।
ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के नेताओं सहित BRICS के सभी 11 सदस्य देशों ने इस संयुक्त घोषणा-पत्र का समर्थन किया। यह BRICS के भीतर वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर बढ़ते कूटनीतिक समन्वय को भी दर्शाता है।
ग्लोबल साउथ पर विशेष फोकस
गुटेरेस ने अपने संबोधन में ग्लोबल साउथ की चिंताओं को प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि युद्ध, आर्थिक अस्थिरता, ऊर्जा संकट और मानवीय चुनौतियों का असर विकासशील देशों पर गंभीर रूप से पड़ता है।
ऐसे में BRICS जैसे बहुपक्षीय समूहों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। शांति, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के जरिए ही वैश्विक स्तर पर स्थायी और समावेशी विकास का रास्ता तैयार किया जा सकता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)