G20 Energy Abundance Working Group: मनोहर लाल ने ऊर्जा सुरक्षा पर रखा भारत का पक्ष, अमेरिका-कनाडा से की चर्चा
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने ह्यूस्टन में G20 Energy Abundance Working Group की बैठकों में भारत की ऊर्जा प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों के साथ स्वच्छ ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, AI और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की।
केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने 15 सितंबर 2026 को अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित G20 Energy Abundance Working Group की बैठकों में हिस्सा लिया। बैठक के दौरान उन्होंने समूह-1 और समूह-2 के सत्रों में भारत की ऊर्जा प्राथमिकताओं और सुधारों को सामने रखा।
अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान मनोहर लाल ने अमेरिका और कनाडा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन चर्चाओं में ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नई तकनीकों और दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
ऊर्जा सुरक्षा और किफायती बेसलोड क्षमता पर भारत का फोकस
मनोहर लाल ने भारत में ऊर्जा क्षेत्र के विकास और एक मजबूत ऊर्जा प्रणाली तैयार करने की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने देश की 552 गीगावाट स्थापित बिजली क्षमता और 50 प्रतिशत से अधिक गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का जिक्र किया।
उन्होंने सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ खाना पकाने के क्षेत्र में भारत की प्रगति को भी रेखांकित किया। मंत्री ने ऊर्जा संक्रमण के लिए ऐसे रास्तों पर जोर दिया जो तकनीक के स्तर पर तटस्थ, समावेशी और अलग-अलग देशों की परिस्थितियों के अनुरूप हों।
वैश्विक स्तर पर सहयोग के संदर्भ में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), ओसोवोग और ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस जैसे मंचों के माध्यम से भारत की भागीदारी का उल्लेख किया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर
G20 कार्य समूह के दूसरे सत्र में मनोहर लाल ने भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए मंजूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने से जुड़े सुधारों की जानकारी दी।
उन्होंने राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली, परिवेश और प्रधानमंत्री गति शक्ति जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न अनुमतियों को सुव्यवस्थित करने और नियामकीय प्रक्रिया में पूर्वानुमेयता बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
मंत्री ने कहा कि समय पर अवसंरचना परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कुशल और पारदर्शी अनुमति व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने क्षमता निर्माण और नियामक आधुनिकीकरण के क्षेत्र में G20 देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत भी बताई।
अमेरिका के साथ ऊर्जा साझेदारी पर चर्चा
मनोहर लाल ने अमेरिकी ऊर्जा विभाग के मंत्री क्रिस राइट के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों पक्षों ने भारत की बिजली अवसंरचना से जुड़े कई विषयों पर चर्चा की।
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और डेटा सेंटरों की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत की विद्युत अवसंरचना योजनाओं पर विचार हुआ। इसके साथ ही भारत की परमाणु ऊर्जा विस्तार योजना पर भी चर्चा की गई।
दोनों पक्षों ने स्वच्छ ऊर्जा, मजबूत ऊर्जा अवसंरचना और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत-अमेरिका ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी के तहत सहयोग की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
कनाडा के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री ने कनाडा के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री के संसदीय सचिव कोरी होगन के साथ भी बैठक की। बातचीत में ऊर्जा दक्षता और कम उत्सर्जन वाली तकनीकों से जुड़े सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई।
दोनों पक्षों ने समुद्र मंथन योजना के तहत अपतटीय तेल एवं गैस अन्वेषण में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया। मनोहर लाल ने कनाडाई कंपनियों को भारत के तेजी से विकसित हो रहे अन्वेषण एवं उत्पादन क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
विविध ऊर्जा स्रोतों से मजबूत होगी ऊर्जा सुरक्षा
बैठकों के दौरान भारत ने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने, स्वच्छ और विश्वसनीय बेसलोड क्षमता बढ़ाने तथा नई ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत का जोर ऐसी ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने पर है जो नागरिकों के लिए सुरक्षित, विश्वसनीय, टिकाऊ और किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ वैश्विक ऊर्जा स्थिरता में भी योगदान दे सके। अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और तकनीकी सहयोग के जरिए भारत अपनी दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
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