अमेरिका ने ईरानी Crypto Exchange BitBank पर लगाया प्रतिबंध, IRGC तक Bitcoin पहुंचाने का आरोप

अमेरिका ने ईरानी क्रिप्टो एक्सचेंज BitBank, उसकी सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी और तीन लोगों पर प्रतिबंध लगाया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने IRGC तक सैकड़ों मिलियन डॉलर मूल्य के बिटकॉइन पहुंचाने का आरोप लगाया।

Sep 18, 2026 - 12:01
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अमेरिका ने ईरानी Crypto Exchange BitBank पर लगाया प्रतिबंध, IRGC तक Bitcoin पहुंचाने का आरोप

नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान से जुड़े एक क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज और उसकी सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी पर प्रतिबंध लगाया है। अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, BitBank का इस्तेमाल ईरानी वित्तीय नेटवर्क के जरिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) तक करोड़ों डॉलर मूल्य की बिटकॉइन राशि पहुंचाने में किया गया।

यह कार्रवाई अमेरिकी वित्त विभाग के Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने 17 सितंबर को की। इसे ट्रंप प्रशासन की ईरान के खिलाफ आर्थिक अभियान ‘Operation Economic Outcast’ का हिस्सा बताया गया है। अमेरिकी विभाग ने BitBank को ईरानी कारोबारी और पहले से प्रतिबंधित बाबक जंजानी से जुड़ा डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म बताया है।

BitBank समेत पांच लोगों और दो संस्थाओं पर कार्रवाई

अमेरिका ने BitBank और उसकी डिजिटल एसेट सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी Pishtaz Simorgh Electronic Trade Company को प्रतिबंधित किया है। इसके अलावा जंजानी के नेटवर्क से जुड़े तीन लोगों—Hossein Ali Zaker Hossein, Mohammad Mahdi Zaker Hossein और Seyed Adel Heidari—को भी सूची में शामिल किया गया है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से ईरानी शासन तक धन पहुंचाने की कोशिशों पर अमेरिका की नजर है। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन का समर्थन करने वालों पर अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

BitBank से IRGC तक बिटकॉइन पहुंचाने का आरोप

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, बाबक जंजानी ने जून और जुलाई 2026 के दौरान BitBank का इस्तेमाल सैकड़ों मिलियन डॉलर मूल्य के बिटकॉइन को IRGC तक पहुंचाने में मदद के लिए किया।

विभाग ने यह भी कहा कि पहले से अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में मौजूद Hormuz Safe Marine Services Authority ने जून 2026 से BitBank का इस्तेमाल ईरानी शासन को प्राप्त भुगतानों को ट्रांसफर करने के लिए किया।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क डिजिटल एसेट्स के जरिए प्रतिबंधों से बचने और ईरानी शासन से जुड़े वित्तीय लेनदेन को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

BitBank और उसकी डेवलपर कंपनी पर क्या आरोप?

अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, जंजानी कम से कम 2024 से अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए BitBank की सेवाओं का प्रचार कर रहा था। विभाग ने कहा कि जंजानी से जुड़े कई अन्य व्यवसायों ने भी BitBank को अपने साझेदार के रूप में पेश किया था।

BitBank के डिजिटल एसेट सॉफ्टवेयर को विकसित करने वाली Pishtaz Simorgh को अमेरिकी विभाग ने पहले से प्रतिबंधित Dot One Value Creation Group की सहायक कंपनी बताया है। BitBank और Pishtaz Simorgh को ईरान के डिजिटल एसेट सेक्टर में गतिविधियों के आधार पर प्रतिबंधित किया गया है।

तीनों व्यक्तियों की नेटवर्क में भूमिका

OFAC के अनुसार, Hossein Ali Zaker Hossein जंजानी के प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क की गतिविधियों में शामिल रहा है। अमेरिकी विभाग का आरोप है कि उसने ईरानी तेल निर्यात और डिजिटल एसेट ट्रांसफर से जुड़ी गतिविधियों में भूमिका निभाई तथा कुछ डिजिटल एसेट लेनदेन ऐसे थे जिनसे प्राप्त रकम अंततः IRGC तक पहुंची।

Mohammad Mahdi Zaker Hossein को Dot One का मैनेजर और प्रतिनिधि तथा Pishtaz Simorgh का CEO बताया गया है। वहीं Seyed Adel Heidari Dot One के बोर्ड के उपाध्यक्ष हैं।

अमेरिकी संपत्तियां होंगी फ्रीज

अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, प्रतिबंधित लोगों और संस्थाओं की अमेरिका में मौजूद या अमेरिकी नागरिकों के नियंत्रण वाली संपत्तियां ब्लॉक कर दी जाएंगी। ऐसी संस्थाएं भी प्रतिबंध के दायरे में आती हैं जिनमें एक या अधिक प्रतिबंधित व्यक्तियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कुल 50 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सेदारी हो।

OFAC ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी अनुमति या किसी लागू छूट के बिना अमेरिकी नागरिकों और अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाले लोगों के लिए प्रतिबंधित व्यक्तियों से जुड़े कई तरह के लेनदेन निषिद्ध होंगे।

क्रिप्टो प्लेटफॉर्म को लेकर अमेरिका की चेतावनी

इस कार्रवाई के जरिए अमेरिका ने ईरान से जुड़े डिजिटल एसेट नेटवर्क पर दबाव और बढ़ाया है। अमेरिकी वित्त विभाग पहले भी ईरान से जुड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों और डिजिटल वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। अगस्त 2026 में भी OFAC ने ईरान से जुड़े डिजिटल एसेट एक्सचेंजों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी।

17 सितंबर की कार्रवाई में अमेरिकी विभाग ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और डिजिटल एसेट कंपनियों को ईरान से जुड़े लेनदेन और प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क के जोखिमों को लेकर सतर्क रहने का संदेश दिया है।

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