India-New Zealand FTA: न्यूजीलैंड संसद ने 93-29 वोट से भारत के साथ FTA को दी मंजूरी

न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को 93-29 मतों से मंजूरी दे दी है। समझौते के पूरी तरह लागू होने पर न्यूजीलैंड के करीब 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त या कम किया जा सकता है। कीवीफ्रूट उद्योग समेत कई क्षेत्रों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।

Sep 16, 2026 - 11:32
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India-New Zealand FTA: न्यूजीलैंड संसद ने 93-29 वोट से भारत के साथ FTA को दी मंजूरी

न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को 93-29 मतों से मंजूरी दे दी है। न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने मतदान के बाद कहा कि संसद के इस फैसले से भारत के साथ व्यापार समझौते और इसके संभावित आर्थिक लाभों को मजबूत समर्थन मिला है।

न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारत में बढ़ेगी बाजार पहुंच

टॉड मैक्ले के मुताबिक, समझौता लागू होने के बाद न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। शुरुआती चरण में न्यूजीलैंड के भारत को होने वाले करीब 57 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त हो जाएगा।

FTA पूरी तरह लागू होने के बाद लगभग 95 प्रतिशत न्यूजीलैंड के निर्यात पर या तो शुल्क खत्म हो जाएगा या उसमें बड़ी कटौती होगी। इससे दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

कीवीफ्रूट उद्योग को भी मिलेगा फायदा

न्यूजीलैंड के प्रमुख कृषि निर्यात क्षेत्रों में शामिल कीवीफ्रूट उद्योग को भी इस समझौते से लाभ मिलने की उम्मीद है। मैक्ले ने बताया कि केवल कीवीफ्रूट उद्योग को अगले पांच वर्षों में शुल्क के रूप में लगभग 125 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर की बचत हो सकती है।

इसके अलावा, समझौते में सीमा पर क्लीयरेंस प्रक्रिया को तेज करने और व्यापार को आसान बनाने पर भी जोर दिया गया है।

भारत के बढ़ते बाजार पर न्यूजीलैंड की नजर

न्यूजीलैंड सरकार भारत के तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार को अपने निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर मान रही है। भारतीय बाजार में भोजन, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, पर्यटन और प्रोफेशनल सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में मांग बढ़ रही है।

मैक्ले ने कहा कि FTA न्यूजीलैंड की कंपनियों को भारत में अपने कारोबारी संबंधों को विस्तार देने में मदद कर सकता है।

2030 तक व्यापार दोगुना करने के लक्ष्य को समर्थन

भारत और न्यूजीलैंड ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। न्यूजीलैंड सरकार के अनुसार, नया FTA इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण व्यापारिक ढांचा उपलब्ध करा सकता है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच FTA वार्ता की औपचारिक घोषणा मार्च 2025 में हुई थी। न्यूजीलैंड सरकार को उम्मीद है कि दोनों देशों की घरेलू मंजूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद समझौता 2026 के अंत तक लागू हो सकता है।

FTA से न्यूजीलैंड की GDP पर भी असर

अगस्त में जारी Westpac Institutional Bank की एक रिपोर्ट में भारत के बड़े बाजार और विकास की संभावनाओं को न्यूजीलैंड के लिए महत्वपूर्ण बताया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, भारत-न्यूजीलैंड FTA अगले दशक में न्यूजीलैंड की GDP में लगभग 0.1 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है।

रिपोर्ट में भारत को तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए उसके लगभग 1.4 अरब लोगों के बाजार तक पहुंच को न्यूजीलैंड के कारोबार के लिए अहम अवसर के रूप में रेखांकित किया गया है।

इस समझौते के लागू होने के बाद कृषि, खाद्य उत्पाद, शिक्षा, पर्यटन, टेक्नोलॉजी और पेशेवर सेवाओं समेत कई क्षेत्रों में भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना है।

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