UNSC Reform: गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद में सुधार को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने UNSC में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वैश्विक शक्ति संतुलन बदल चुका है और बहुपक्षीय संस्थाओं को नई वास्तविकताओं के अनुरूप ढालना जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में व्यापक सुधार की जरूरत पर जोर दिया है। 16 सितंबर को 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुटेरेस ने कहा कि दुनिया की शक्ति संरचना तेजी से बदल रही है, लेकिन कई वैश्विक संस्थाएं अब भी दशकों पुराने शक्ति संतुलन को प्रतिबिंबित करती हैं। उन्होंने सुरक्षा परिषद में सुधार को बेहद जरूरी और सर्वोच्च प्राथमिकता वाला मुद्दा बताया।
बड़ी शक्तियों के व्यवहार पर उठाए सवाल
गुटेरेस ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में कुछ बड़ी शक्तियां अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन से जुड़ी कार्रवाइयों में शामिल रही हैं, जबकि वही देश सुरक्षा परिषद में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार, इससे परिषद की प्रभावशीलता प्रभावित होती है और कई अंतरराष्ट्रीय संकटों पर सामूहिक कार्रवाई मुश्किल हो जाती है।
उन्होंने कहा कि जब प्रभावशाली देश खुद अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन का उदाहरण पेश नहीं करते और सुरक्षा परिषद प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाती, तो इससे अंतरराष्ट्रीय नियमों और जवाबदेही की व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है।
मौजूदा ढांचा पुरानी दुनिया को दर्शाता है
गुटेरेस के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र और उससे जुड़ी कई बहुपक्षीय संस्थाओं का ढांचा उस समय बनाया गया था जब दुनिया का राजनीतिक और आर्थिक शक्ति संतुलन आज से काफी अलग था।
उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित संस्थाओं को वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप ढालने की जरूरत है। उनके अनुसार, दुनिया अब तेजी से बहुध्रुवीय हो रही है और संस्थागत ढांचे में भी इस बदलाव को प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए।
BRICS और उभरती अर्थव्यवस्थाओं का जिक्र
गुटेरेस ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं और BRICS जैसे समूहों की बढ़ती भूमिका का भी संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रभाव बढ़ रहा है, जबकि विकसित देशों की हिस्सेदारी में समय के साथ बदलाव आया है।
13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भी गुटेरेस ने कहा था कि 1945 की तुलना में आज दुनिया काफी अलग है और वैश्विक संस्थाओं को इस बदलाव के अनुरूप विकसित होना चाहिए। उन्होंने UNSC और Bretton Woods संस्थाओं में सुधार की जरूरत बताई थी।
‘सत्ता के पुनर्वितरण’ की जरूरत
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने वैश्विक संस्थाओं में सत्ता के पुनर्वितरण की जरूरत पर जोर दिया। उनके अनुसार, बदलते शक्ति संतुलन को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की संरचना में भी जगह मिलनी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और Bretton Woods व्यवस्था में सुधार को महत्वपूर्ण बताया। उनका तर्क है कि अधिक प्रतिनिधित्व और बदलती वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप संस्थागत सुधार से बहुपक्षीय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
81वीं UNGA का उच्चस्तरीय सप्ताह 22 सितंबर से
संयुक्त राष्ट्र महासभा की 81वीं बैठक का उच्चस्तरीय सप्ताह 22 सितंबर से शुरू होगा। इस दौरान दुनिया के विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सरकार प्रमुख और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि न्यूयॉर्क में जुटेंगे।
गुटेरेस के लिए यह महासचिव के रूप में अंतिम उच्चस्तरीय UNGA सप्ताह होगा। उनका दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है।
शांति, विकास और मानवाधिकार पर जोर
गुटेरेस ने कहा कि बहुपक्षीय संस्थाओं में बदलाव का उद्देश्य केवल वैश्विक शक्ति संतुलन को बदलना नहीं, बल्कि इन संस्थाओं को शांति, विकास और मानवाधिकारों की रक्षा के अपने मूल उद्देश्यों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम बनाना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने AI, जलवायु संकट, बढ़ती असमानता और विभिन्न संघर्षों जैसी गंभीर चुनौतियां हैं। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रभावी बहुपक्षीय संस्थाओं की जरूरत और बढ़ जाती है।
गुटेरेस ने अपने अंतिम उच्चस्तरीय UNGA सप्ताह से पहले दिए संदेश में स्पष्ट किया कि दुनिया के बदलते शक्ति संतुलन के साथ वैश्विक संस्थाओं में भी सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए।
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