Gati Shakti Cargo Terminal: गुजरात में 4 GCT समर्पित, 5वें की आधारशिला; कच्छ में ₹5,600 करोड़ की परियोजनाएं
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात में चार गति शक्ति कार्गो टर्मिनल देश को समर्पित किए और मेहसाणा के लिंच में पांचवें GCT की आधारशिला रखी। कच्छ में करीब ₹5,600 करोड़ की रेलवे परियोजनाओं और हाई-स्पीड रेल परियोजना पर भी अपडेट दिया गया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को गुजरात में चार गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) देश को समर्पित किए। इसके साथ ही मेहसाणा जिले के लिंच में पांचवें कार्गो टर्मिनल की आधारशिला रखी गई। इस दौरान उन्होंने शिवलाखा GCT से मीठापुर के लिए नमक से लदी मालगाड़ी को हरी झंडी भी दिखाई।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने, कार्गो की आवाजाही को सुगम बनाने और गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों को राष्ट्रीय बाजारों तथा बंदरगाहों से बेहतर तरीके से जोड़ना है।
कच्छ, मोरबी और बनासकांठा में चार टर्मिनल शुरू
चार नए GCT में कच्छ के शिवलाखा और भीमसार, मोरबी के देवलिया तथा बनासकांठा के चंदिसर स्थित टर्मिनल शामिल हैं। वहीं मेहसाणा के लिंच में पांचवें GCT की आधारशिला रखी गई।
इन टर्मिनलों से क्षेत्र में माल की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए अतिरिक्त रेल सुविधाएं विकसित होंगी। साथ ही गुजरात के बंदरगाहों और राज्य के उत्तरी एवं अंदरूनी इलाकों के बीच माल ढुलाई संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उद्योग और कारोबार को मिलेगा बेहतर रेल कनेक्शन
गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों के जरिए स्थानीय औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों को बड़े राष्ट्रीय बाजारों तथा बंदरगाहों से जोड़ा जा रहा है। इससे माल की आवाजाही आसान होने के साथ लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लागत और समय को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रेल नेटवर्क के विस्तार का फायदा क्षेत्र में मौजूद उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अन्य कारोबारी गतिविधियों को मिल सकता है।
शिवलाखा से मीठापुर पहुंचा नमक
कार्यक्रम के दौरान अश्विनी वैष्णव ने शिवलाखा GCT से मीठापुर के लिए नमक से लदी मालगाड़ी को रवाना किया। उन्होंने कहा कि गुजरात, विशेष रूप से कच्छ, देश के प्रमुख नमक उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है।
उन्होंने नमक की ढुलाई में आने वाली कुछ व्यावहारिक चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक पारंपरिक रेलवे वैगनों में वैगन के वजन के कारण माल ढुलाई की क्षमता प्रभावित होती थी। इसके अलावा नमक नमी सोख सकता है, जिससे परिवहन और लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान अतिरिक्त दिक्कतें आती हैं।
नए सॉल्ट कंटेनर से आसान होगी ढुलाई
रेल मंत्री ने बताया कि इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हल्के वजन वाले स्टेनलेस स्टील सॉल्ट कंटेनर विकसित किए गए हैं। इनमें ऊपर से नमक लोड करने और साइड से अनलोड करने की सुविधा है।
इस व्यवस्था से नमक की हैंडलिंग और रेल परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।
देश में 150 GCT शुरू
अश्विनी वैष्णव के अनुसार, देशभर में अब तक 150 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए जा चुके हैं। इनका उद्देश्य रेलवे के जरिए माल ढुलाई को बेहतर बनाना और उद्योगों के लिए कार्गो कनेक्टिविटी मजबूत करना है।
कच्छ में 5,600 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं
रेल मंत्री ने कच्छ में रेलवे बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में करीब 5,600 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
समाखियाली, भचाऊ, गांधीधाम, आदिपुर और भुज से जुड़े रेल मार्गों की क्षमता बढ़ाने तथा डबलिंग के कार्यों का भी उल्लेख किया गया। भुज-नलिया सेक्शन के गेज कन्वर्जन से रेल संपर्क में बदलाव आया है और नलिया से जखाऊ पोर्ट के लिए नई ब्रॉड गेज लाइन को भी मंजूरी दी गई है।
कांडला-गांधीधाम क्षेत्र में बढ़ाई जा रही क्षमता
कांडला-गांधीधाम औद्योगिक क्षेत्र के लिए रेलवे क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मंत्री के मुताबिक समाखियाली-भचाऊ और गांधीधाम-आदिपुर सेक्शन में चार लाइन की क्षमता विकसित की गई है। आदिपुर-भुज के सिंगल लाइन सेक्शन को डबल लाइन में बदलने का काम भी चल रहा है।
इसके अलावा नलिया से जखाऊ पोर्ट, वायोर, लूना, हाजीपुर और देसलपार तक रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
रक्षा और उद्योगों को भी मिलेगा फायदा
कच्छ जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में रेल नेटवर्क के विस्तार से रक्षा प्रतिष्ठानों और उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए यात्री और माल परिवहन की सुविधाओं में सुधार की संभावना है।
रेल मंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे के इन विकास कार्यों से गुजरात में माल ढुलाई और यात्री परिवहन दोनों की क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
हाई-स्पीड रेल परियोजना पर भी अपडेट
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना के संबंध में वैष्णव ने बताया कि वापी-सूरत सेक्शन का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद परीक्षण और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं की जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में विकसित की जा रही हाई-स्पीड ट्रेन का पहला कोच तैयार हो चुका है और उस पर परीक्षण किए जा रहे हैं। इस परियोजना को हाई-स्पीड रेल तकनीक में स्वदेशी क्षमता विकसित करने की दिशा में एक प्रयास बताया गया।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि मौजूद
कार्यक्रम में गुजरात सरकार के राज्य मंत्री त्रिकमभाई छंगा, सांसद विनोदभाई चावड़ा, हरिभाई पटेल, राजूभाई शुक्ला और चंदूभाई सिहोरा समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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