SEMICON India 2026: जर्मन अधिकारी ने बताया अहम मील का पत्थर, भारत-जर्मनी साझेदारी पर जोर
SEMICON India 2026 में जर्मनी की कंपनियों की भागीदारी को भारत-जर्मनी सेमीकंडक्टर सहयोग के लिए अहम अवसर बताया गया है। जर्मन अधिकारी जॉर्ज एन्ज़वीलर ने आयोजन को महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
नई दिल्ली: SEMICON India 2026 में जर्मनी की कंपनियों की भागीदारी को दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। भारत में जर्मनी के दूतावास के डिप्टी हेड ऑफ मिशन जॉर्ज एन्ज़वीलर ने गुरुवार को इस आयोजन को सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
एन्ज़वीलर ने कहा कि SEMICON India वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए बैठक और नेटवर्किंग का महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। उन्होंने आयोजन में मौजूद जर्मन कंपनियों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे जर्मन और भारतीय कारोबारों के बीच साझेदारी को मजबूत करने का अवसर मिल रहा है।
जर्मन कंपनियों की सक्रिय भागीदारी
जर्मन अधिकारी ने कहा कि SEMICON India 2026 में कई जर्मन कंपनियां हिस्सा ले रही हैं और भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर काम कर रही हैं। उनके मुताबिक, यह आयोजन मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और नई कारोबारी साझेदारियां विकसित करने के लिए उपयोगी मंच प्रदान करता है।
भारत और जर्मनी ने इस साल जनवरी में सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में संस्थागत सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी कदम आगे बढ़ाए थे। दोनों देशों के संयुक्त बयान में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पार्टनरशिप के लिए नए सहयोग और भारतीय-जर्मन सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के बीच रिसर्च एवं इंडस्ट्री सहयोग बढ़ाने की बात कही गई थी।
PM मोदी ने ग्लोबल सप्लाई चेन पर दिया जोर
SEMICON India 2026 के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अहम तकनीकी क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाकर वैश्विक आपूर्ति नेटवर्क को अधिक मजबूत और विविध बनाने में योगदान दे सकता है।
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेताओं और इक्विपमेंट निर्माताओं से भारत में बन रहे हाई-टेक इकोसिस्टम में अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को लेकर देशों के सामने कई चुनौतियां हैं। ऐसे में दुनिया को नए और भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों की जरूरत है और भारत इसके लिए अपनी क्षमताओं को लगातार विकसित कर रहा है।
चिप डिजाइन से मैन्युफैक्चरिंग तक फोकस
भारत का सेमीकंडक्टर कार्यक्रम केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है। सरकार और उद्योग की कोशिश चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, टेस्टिंग और इससे जुड़े उपकरणों एवं सामग्रियों का व्यापक इकोसिस्टम तैयार करने की है।
SEMICON India 2026 का आयोजन इसी व्यापक विजन के तहत किया जा रहा है। इस साल कार्यक्रम की थीम ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ रखी गई है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आयोजन में 52 देशों से 600 से अधिक कंपनियां और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
कंपाउंड सेमीकंडक्टर और सिलिकॉन फोटोनिक्स पर जोर
प्रधानमंत्री ने कंपाउंड सेमीकंडक्टर और सिलिकॉन फोटोनिक्स जैसी तकनीकों के महत्व का भी उल्लेख किया। ये तकनीकें एआई और अन्य हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अनुप्रयोगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
भारत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े सप्लाई नेटवर्क को एक साथ विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे घरेलू क्षमता बढ़ाने के साथ वैश्विक कंपनियों के लिए भारत में निवेश और सहयोग के नए अवसर बनने की संभावना है।
एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को ट्रेनिंग का लक्ष्य
सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है और 70,000 से अधिक युवाओं को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है।
सेमीकंडक्टर उद्योग के तेजी से विस्तार के बीच डिजाइन, निर्माण, परीक्षण, पैकेजिंग, उपकरण संचालन और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवरों की जरूरत बढ़ रही है। इसलिए टैलेंट डेवलपमेंट को भारत के सेमीकंडक्टर विजन का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
BRICS घोषणा का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में हुए BRICS शिखर सम्मेलन और नई दिल्ली घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने SEMICON India 2026 के आयोजन को भारत की वैश्विक तकनीकी और औद्योगिक भूमिका से जोड़ते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं।
17 से 19 सितंबर तक हो रहा आयोजन
SEMICON India 2026 का पांचवां संस्करण 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन की आधिकारिक थीम ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ है। इसमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन से जुड़ी कंपनियों, निवेशकों, नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी है।
जर्मनी की कंपनियों की भागीदारी ऐसे समय में हो रही है जब भारत और जर्मनी सेमीकंडक्टर, उभरती तकनीकों और वैश्विक सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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