RSS Book Release: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जारी की तमिलिसाई की ‘A Century of Service’ किताब

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में डॉ. तमिलिसाई सौंदर्यराजन की पुस्तक ‘A Century of Service – The RSS in 100 Acts of Seva’ का विमोचन किया। पुस्तक में आरएसएस की सेवा गतिविधियों, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र-निर्माण से जुड़े पहलुओं को दर्ज किया गया है।

Sep 16, 2026 - 10:13
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RSS Book Release: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जारी की तमिलिसाई की ‘A Century of Service’ किताब

नई दिल्ली में मंगलवार को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सौंदर्यराजन की पुस्तक “A Century of Service – The RSS in 100 Acts of Seva” का विमोचन किया। पुस्तक का लोकार्पण उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया।

आरएसएस की सेवा यात्रा पर केंद्रित है पुस्तक

उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की एक सदी की सेवा गतिविधियों, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र-निर्माण में उसके योगदान को दर्ज करने का प्रयास है। उनके अनुसार, पुस्तक में ‘सेवा’ की भावना के जरिए सामाजिक कार्यों की निरंतर यात्रा को सामने रखा गया है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में किए गए कार्यों को दर्ज करना जरूरी है, क्योंकि समय के साथ कई महत्वपूर्ण प्रयास लोगों की स्मृतियों से दूर हो सकते हैं।

‘आज की खबर कल का इतिहास’

सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि “आज की खबर कल का इतिहास बन जाती है।” उन्होंने अच्छे कार्यों को दस्तावेज के रूप में सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुस्तक सेवा कार्यों को रिकॉर्ड करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए संदर्भ का काम कर सकती है।

गरीब और वंचित वर्गों तक सेवा का उल्लेख

उपराष्ट्रपति ने ‘सेवा ही धर्म है, यह एक कर्तव्य है’ को सेवा भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि पुस्तक में गरीब, वंचित और समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंची सेवा गतिविधियों का उल्लेख है, जिनमें श्रमिक, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान आरएसएस स्वयंसेवकों की ओर से भोजन, दवाइयों और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के कार्यों का भी जिक्र किया।

चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का संदेश

पुस्तक में “Nation-building through character-building” यानी चरित्र निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की अवधारणा का भी उल्लेख किया गया है। राधाकृष्णन ने कहा कि देश के निर्माण में देशभक्ति, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

आने वाली पीढ़ियों के लिए दस्तावेज

उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पुस्तक केवल आरएसएस की सेवा गतिविधियों का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि उनके अनुसार यह भारत की सेवा परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने वाला दस्तावेज भी बन सकती है।

उन्होंने डॉ. तमिलिसाई सौंदर्यराजन और पुस्तक के प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी और इतिहास को दर्ज करने के ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन, पुडुचेरी के गृह मंत्री ए. नमासिवायम और पुस्तक की लेखिका डॉ. तमिलिसाई सौंदर्यराजन मौजूद रहीं।

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