IMF on India: नाइजेल क्लार्क बोले- भारत दे सकता है वैश्विक अर्थव्यवस्था को अगली बड़ी रफ्तार

IMF के उप-प्रबंध निदेशक नाइजेल क्लार्क ने भारत की पांच दिवसीय यात्रा के बाद कहा कि मजबूत आर्थिक बुनियाद, निजी क्षेत्र और तकनीकी क्षमताओं के चलते भारत वैश्विक आर्थिक वृद्धि की अगली लहर को गति देने की क्षमता रखता है।

Sep 16, 2026 - 10:17
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IMF on India: नाइजेल क्लार्क बोले- भारत दे सकता है वैश्विक अर्थव्यवस्था को अगली बड़ी रफ्तार

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के उप-प्रबंध निदेशक नाइजेल क्लार्क ने भारत की आर्थिक क्षमता को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की है। 7 से 11 सितंबर तक भारत की पांच दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद जारी बयान में क्लार्क ने कहा कि मजबूत आर्थिक बुनियाद, निजी क्षेत्र की गतिशीलता और तेजी से बढ़ती तकनीकी क्षमताओं के दम पर भारत वैश्विक आर्थिक वृद्धि की अगली लहर को गति देने की क्षमता रखता है।

पहली बार भारत पहुंचे IMF के उप-प्रबंध निदेशक

IMF में उप-प्रबंध निदेशक का पद संभालने के बाद नाइजेल क्लार्क की यह पहली भारत यात्रा थी। उन्होंने नई दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के साथ बैठकें कीं।

इस दौरान उन्होंने वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी से मुलाकात की। क्लार्क ने इन बैठकों के लिए भारतीय अधिकारियों का आभार जताया।

भारत को वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन बताया

क्लार्क ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में प्रमुख बताया और कहा कि मजबूत आर्थिक आधार तथा नीतिगत ढांचे ने देश को वैश्विक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद की है।

उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक विकास का एक प्रमुख चालक बना हुआ है और IMF भारत के साथ करीबी साझेदारी जारी रखेगा।

आर्थिक स्थिरता और महंगाई पर चर्चा

भारत यात्रा के दौरान हुई बैठकों में देश के आर्थिक परिदृश्य, वैश्विक आर्थिक बदलावों और टिकाऊ एवं समावेशी विकास के लिए जरूरी नीतिगत कदमों पर चर्चा हुई।

क्लार्क के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं और बदलते जोखिमों के बीच आर्थिक स्थिरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने नीतियों को परिस्थितियों के अनुरूप लचीला रखने, महंगाई को नियंत्रित रखने और उत्पादकता तथा प्रतिस्पर्धा बढ़ाने वाले सुधारों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

निजी क्षेत्र और तकनीकी क्षमताओं की तारीफ

यात्रा के दौरान क्लार्क ने भारतीय उद्योग और कारोबारी जगत के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। उन्होंने भारत के निजी क्षेत्र की ऊर्जा, प्रतिभाशाली लोगों और तेजी से विकसित हो रही तकनीकी एवं विनिर्माण क्षमताओं का उल्लेख किया।

उनके अनुसार, नवाचार, डिजिटल परिवर्तन, उन्नत विनिर्माण और नई तकनीकों को व्यापक स्तर पर अपनाना उत्पादकता बढ़ाने और प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे अर्थव्यवस्था में अधिक मूल्यवर्धित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

IMF के साथ साझेदारी आगे भी जारी रखने पर जोर

क्लार्क ने भारत के साथ IMF के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल में दोनों पक्षों के बीच संवाद और सहयोग जारी रहना जरूरी है। उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग के समर्थन और क्षेत्र के अन्य देशों के साथ सहयोग के लिए भारत का भी आभार जताया।

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