गाइ पार्मेलीन बोले- भारत दौरा भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन ने भारत यात्रा को दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करने का अवसर बताया। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार और TEPA के तहत आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी।
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन ने सोमवार को कहा कि उनकी भारत यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से कायम करीबी संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रपति भवन में उनके औपचारिक स्वागत के बाद उन्होंने भारत और स्विट्जरलैंड के संबंधों को साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और आपसी सम्मान से जुड़ा बताया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर पार्मेलीन का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर स्विस राष्ट्रपति तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं।
रिश्तों को और गहरा करने पर जोर
औपचारिक स्वागत के बाद पार्मेलीन ने कहा कि भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों के महत्व को रेखांकित करने का अवसर है। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान की बात कही।
स्विस राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार और लोगों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी और पार्मेलीन की द्विपक्षीय वार्ता में इन क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा के साथ संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत होगी।
TEPA की पहली वर्षगांठ से जुड़ी यात्रा
पार्मेलीन ने कहा कि उनकी भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और EFTA के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने की पहली वर्षगांठ पूरी हुई है। भारत और EFTA के चार सदस्य देशों—स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन—के बीच इस समझौते पर 10 मार्च 2024 को हस्ताक्षर हुए थे और यह 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ।
TEPA के तहत व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए वस्तुओं और सेवाओं में बाजार पहुंच समेत कई प्रावधान किए गए हैं। समझौते में अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार से जुड़ी प्रतिबद्धता भी शामिल है।
7 अक्टूबर को भारत-EFTA प्रॉस्पेरिटी समिट
स्विस राष्ट्रपति 7 अक्टूबर को होने वाले दूसरे भारत-EFTA प्रॉस्पेरिटी समिट में भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम TEPA के लागू होने के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, EFTA देशों में स्विट्जरलैंड भारत का महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं तकनीक तथा नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नियमित उच्चस्तरीय संवाद होता रहा है।
इस साल दूसरी बार भारत आए पार्मेलीन
गाइ पार्मेलीन की यह भारत की पहली राजकीय यात्रा है, जबकि वर्ष 2026 में वह दूसरी बार भारत आए हैं। इससे पहले फरवरी में उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 में हिस्सा लिया था। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और पार्मेलीन ने व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क समेत द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की थी।
इस बार उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
मुर्मु और जयशंकर से भी मुलाकात
भारत यात्रा के दौरान पार्मेलीन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति उनके सम्मान में आधिकारिक रात्रिभोज की मेजबानी करेंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भी उनकी बैठक होगी।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से उच्चस्तरीय संपर्क रहा है। इस यात्रा के जरिए दोनों देश मौजूदा सहयोग की समीक्षा के साथ आपसी हित के नए क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं।
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