स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार और भारत-EFTA आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी।
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन का सोमवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर स्विस राष्ट्रपति का स्वागत किया। पार्मेलीन प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए भारत आए हैं।
यह राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन की भारत की पहली राजकीय यात्रा है। हालांकि, इसी वर्ष फरवरी में वह नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit में हिस्सा लेने के लिए भारत आ चुके हैं। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
व्यापार और निवेश पर रहेगा जोर
स्विस राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन के बीच द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के आपसी सहयोग की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बातचीत में व्यापार और निवेश के अलावा तकनीक, नवाचार, संस्कृति तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दे भी शामिल होंगे।
इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों तथा बहुपक्षीय मंचों पर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सहयोग को लेकर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
राष्ट्रपति मुर्मु से भी करेंगे मुलाकात
भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु स्विस राष्ट्रपति के सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन भी करेंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भी पार्मेलीन के साथ बैठक प्रस्तावित है।
भारत-EFTA प्रॉस्पेरिटी समिट में लेंगे हिस्सा
स्विस राष्ट्रपति की यात्रा का एक प्रमुख कार्यक्रम 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाला दूसरा भारत-EFTA प्रॉस्पेरिटी समिट है। यह आयोजन भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच आर्थिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समिट भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते यानी TEPA के लागू होने की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, EFTA देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है।
भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को मिलेगी नई गति
विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत और स्विट्जरलैंड के संबंध लंबे समय से मैत्रीपूर्ण और बहुआयामी रहे हैं। स्विस राष्ट्रपति की यात्रा से दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क को आगे बढ़ाने और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच शीर्ष स्तर पर नियमित संवाद होता रहा है। भारत के राष्ट्रपति की पिछली राजकीय स्विट्जरलैंड यात्रा 2019 में हुई थी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2016 और 2018 में स्विट्जरलैंड की आधिकारिक यात्राएं कर चुके हैं।
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