गाइ पार्मेलिन की पीएम मोदी से मुलाकात, भारत-EFTA साझेदारी को मजबूत करने पर जोर
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, निवेश, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और भारत-EFTA TEPA से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात की। पार्मेलिन 5 से 7 अक्टूबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। उनकी यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इससे पहले राष्ट्रपति पार्मेलिन अपनी पत्नी कैरोलीन के साथ राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वहां आयोजित पुष्पांजलि समारोह में हिस्सा लिया।
एस. जयशंकर से भी हुई मुलाकात
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात की। बातचीत के दौरान भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी तथा भारत-EFTA व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) से मिलने वाले अवसरों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग पहले से जारी है। प्रधानमंत्री मोदी और पार्मेलिन के बीच फरवरी 2026 में भी मुलाकात हुई थी, जब स्विस राष्ट्रपति AI Impact Summit में शामिल होने भारत आए थे। उस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों और TEPA के कार्यान्वयन से आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की थी।
साझेदारी को मजबूत करने पर पार्मेलिन का जोर
भारत यात्रा के दौरान पार्मेलिन ने दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने भारत और स्विट्जरलैंड के रिश्तों को साझा मूल्यों, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित बताया।
स्विस राष्ट्रपति के मुताबिक, उनकी यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर भी है। उन्होंने भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को आगे विकसित और मजबूत करने की दिशा में यात्रा को महत्वपूर्ण बताया।
TEPA की पहली वर्षगांठ पर खास जोर
पार्मेलिन की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत-EFTA TEPA के लागू होने की पहली वर्षगांठ पूरी हो रही है। भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच इस समझौते पर 10 मार्च 2024 को हस्ताक्षर हुए थे और यह 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ। EFTA में स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे शामिल हैं।
भारत और EFTA के बीच TEPA का उद्देश्य व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाना तथा आर्थिक सहयोग के लिए बेहतर ढांचा तैयार करना है। प्रधानमंत्री मोदी और पार्मेलिन की फरवरी 2026 की बैठक में भी दोनों पक्षों ने इस समझौते से मिलने वाले आर्थिक अवसरों को रेखांकित किया था।
व्यापार और निवेश रहेगा प्रमुख मुद्दा
पार्मेलिन के साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। उनकी तीन दिवसीय यात्रा में व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार और मोबिलिटी जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा प्रस्तावित है।
7 अक्टूबर को राष्ट्रपति पार्मेलिन दूसरे India-EFTA Prosperity Summit में भी हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम भारत-EFTA आर्थिक साझेदारी और TEPA के आगे के क्रियान्वयन से जुड़े अवसरों पर केंद्रित रहेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात
भारत यात्रा के दौरान स्विस राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। उनके सम्मान में औपचारिक भोज का आयोजन भी प्रस्तावित है।
यह पार्मेलिन की भारत की पहली राजकीय यात्रा है और वर्ष 2026 में उनकी दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह फरवरी में AI Impact Summit में शामिल होने के लिए भारत आए थे।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और नवाचार सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के लिए संस्थागत तंत्र भी मौजूद हैं। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
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