भारत-अर्जेंटीना संबंधों को नई रफ्तार, लिथियम से दवा और डिजिटल सेक्टर तक सहयोग बढ़ाने पर जोर
भारत और अर्जेंटीना ने आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए व्यापार, निवेश, लिथियम, दवा, कृषि और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।
भारत और अर्जेंटीना ने व्यापार और निवेश संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। ब्यूनस आयर्स में हुई भारत-अर्जेंटीना संयुक्त व्यापार समिति की चौथी बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही भविष्य में साझेदारी के नए क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में खनन, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में निवेश की संभावनाओं को प्रमुखता दी गई। खासतौर पर अर्जेंटीना में भारत की सरकारी कंपनी खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड यानी काबिल की लिथियम परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई।
अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत में चल रही काबिल की परियोजना को वहां किसी भारतीय कंपनी की पहली लिथियम खनन पहल माना जा रहा है। परियोजना में दूसरे चरण की ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा साल्टा और जुजुय क्षेत्रों में भी नए सहयोग की संभावनाएं तलाशने का काम जारी है।
लिथियम भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनिज है। इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण के लिए इस्तेमाल होने वाली बैटरियों में इसकी अहम भूमिका है। ऐसे में अर्जेंटीना के साथ सहयोग भारत की इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी निर्माण से जुड़ी योजनाओं के लिए उपयोगी हो सकता है।
भारतीय दवा कंपनियों के लिए भी अवसर
बैठक में दवा क्षेत्र को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। अर्जेंटीना ने भारतीय दवा उत्पादों के लिए अपने नियामकीय ढांचे में बाजार पहुंच आसान बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई है।
दोनों पक्षों ने दवा नियमन से जुड़े पुराने सहयोग समझौते को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई। आयुर्वेद और योग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त गतिविधियों की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
द्विपक्षीय व्यापार में बढ़ोतरी
भारत और अर्जेंटीना के बीच व्यापार में भी लगातार विस्तार देखा जा रहा है। 2025 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 6.5 अरब डॉलर से अधिक हो गया। इस दौरान व्यापार में सालाना आधार पर 17 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई।
व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी के साथ भारत अर्जेंटीना के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल हो गया है। दोनों देश आने वाले समय में व्यापार की मात्रा और क्षेत्र दोनों बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं।
कृषि उत्पादों के लिए बाजार खुलने की उम्मीद
कृषि क्षेत्र में भी बाजार पहुंच बढ़ाने को लेकर तकनीकी स्तर की बातचीत आगे बढ़ी है। भारतीय प्याज, दूध और दुग्ध उत्पाद, अंगूर, आलू, केला तथा दलहन जैसे उत्पादों को अर्जेंटीना के बाजार में अधिक अवसर मिलने की संभावना है।
अगर बाजार पहुंच से जुड़े मानकों पर सहमति बनती है तो भारतीय किसानों और निर्यातकों को नए बाजार मिल सकते हैं। इससे कृषि निर्यात को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है।
5G और AI में भी सहयोग की संभावना
दोनों देशों ने पारंपरिक व्यापार क्षेत्रों के अलावा विमानन, अंतरिक्ष, दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं को भविष्य के सहयोग के लिए महत्वपूर्ण माना है।
5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इससे दोनों देशों के बीच तकनीकी और कारोबारी साझेदारी को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
भारत और अर्जेंटीना के बीच बढ़ता सहयोग खनिज संसाधनों से लेकर दवा, कृषि और आधुनिक तकनीक तक कई क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर सकता है। दोनों देशों की कोशिश अब मौजूदा व्यापारिक रिश्तों को निवेश और तकनीकी साझेदारी के व्यापक ढांचे में बदलने की है।
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