भारत-चिली आर्थिक रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार, CEPA समझौते की दिशा में बढ़ रहे कदम
भारत और चिली व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए CEPA की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। 2025 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 5.6 अरब डॉलर से अधिक रहा।
भारत और चिली के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी CEPA पर आगे बढ़ने की तैयारी है। भारत में चिली के राजदूत जुआन एंगुलो एम ने यह जानकारी साझा की।
चेन्नई में चिली की स्वतंत्रता की 216वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राजदूत एंगुलो ने दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2025 में भारत और चिली के बीच द्विपक्षीय व्यापार 5.6 अरब डॉलर से अधिक रहा।
राजदूत के मुताबिक तमिलनाडु में ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में मौजूद क्षमताएं चिली की कंपनियों और संस्थानों के साथ साझेदारी के लिए अवसर पैदा करती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित CEPA का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के साथ-साथ व्यापक आर्थिक सहयोग को और आगे बढ़ाना है।
कार्यक्रम का आयोजन चेन्नई में चिली की मानद वाणिज्यदूत सुनीता शाहने ने किया। इसमें सरकारी अधिकारियों, राजनयिकों, वाणिज्यिक प्रतिनिधियों, उद्योग जगत, शिक्षा, संस्कृति और मीडिया से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान सुनीता शाहने को चेन्नई में चिली की मानद वाणिज्यदूत के तौर पर 27 वर्षों की सेवा के लिए सम्मानित भी किया गया। उन्हें 28 अप्रैल 1999 को इस पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने चिली के सात राजदूतों के साथ काम किया है और दक्षिण भारत में चिली के राजनयिक, व्यापारिक तथा सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।
उनके कार्यकाल के दौरान मार्च 2009 में चिली की तत्कालीन राष्ट्रपति मिशेल बाचेलेट की चेन्नई यात्रा भी हुई थी। राजदूत एंगुलो ने सुनीता शाहने के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें चिली और दक्षिण भारत के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
सुनीता शाहने ने कहा कि वह भविष्य में भी भारत और चिली के संबंधों को मजबूत करने तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए काम करती रहेंगी।
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