India Iceland Relations 2026: Renewable Energy और Green Technology पर बढ़ा सहयोग

भारत और आइसलैंड ने नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ तकनीक और ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच भू-तापीय ऊर्जा, मत्स्य पालन और टिकाऊ विकास जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग जारी है।

Sep 29, 2026 - 13:58
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India Iceland Relations 2026: Renewable Energy और Green Technology पर बढ़ा सहयोग

नई दिल्ली: भारत और आइसलैंड ने नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ तकनीक और हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की है। दोनों देशों के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास सहयोग को भारत-नॉर्डिक साझेदारी में भी प्रमुखता दी जा रही है।

भारतीय राजदूत और आइसलैंड के मंत्री की बैठक

आइसलैंड में भारत के राजदूत आर. रवींद्र ने आइसलैंड के पर्यावरण, ऊर्जा एवं जलवायु मंत्री जोहान पाल जोहानसन के साथ मुलाकात की। बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ एवं हरित तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के संभावित रास्तों पर विचार किया गया।

दोनों पक्षों ने नई दिल्ली में 7 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रॉस्पेरिटी समिट से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।

ग्रीन टेक्नोलॉजी पर भारत-नॉर्डिक सहयोग

भारत और आइसलैंड के बीच स्वच्छ ऊर्जा सहयोग व्यापक भारत-नॉर्डिक साझेदारी का हिस्सा है। मई 2026 में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और नॉर्डिक देशों ने ग्रीन टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने पर जोर दिया था। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, डिजिटल इनोवेशन, टिकाऊ विनिर्माण और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

भू-तापीय ऊर्जा और मत्स्य पालन भी अहम क्षेत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्टर्न फ्रॉस्टाडोट्टिर ने मई में ओस्लो में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों देशों के संबंधों की समीक्षा की थी। इस दौरान भू-तापीय ऊर्जा, मत्स्य पालन, नवोन्मेषी तकनीक, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।

दोनों नेताओं ने आर्कटिक अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया था।

EFTA-TEPA से व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

भारत और आइसलैंड के आर्थिक संबंधों के संदर्भ में भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी और आइसलैंड की प्रधानमंत्री ने मई में चर्चा के दौरान कहा था कि TEPA से व्यापार, निवेश और विनिर्माण सहयोग की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

समुद्री और मत्स्य क्षेत्र में भी सहयोग

भारत और आइसलैंड के बीच सहयोग का दायरा ऊर्जा तक सीमित नहीं है। इससे पहले भारतीय राजदूत आर. रवींद्र ने आइसलैंड के बुनियादी ढांचा मंत्री एयोल्फुर आर्मानसन के साथ बैठक में हरित समुद्री परिवहन, क्षमता निर्माण और मत्स्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की थी।

इस तरह दोनों देशों के बीच ऊर्जा, पर्यावरण, समुद्री क्षेत्र, तकनीक और टिकाऊ विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाएं बनी हुई हैं।

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