ईरान की अमेरिका को चेतावनी, आर्थिक अभियान में साथ देने वाले देशों को माना जाएगा ‘दुश्मन’

ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के आर्थिक अभियान में शामिल होने वाले देशों को तेहरान अपना दुश्मन मान सकता है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसे देशों से बातचीत कर उन्हें विवाद से दूर रहने के लिए कहा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होने पर ईरान उनके हितों को निशाना बना सकता है। रेजाई ने हॉर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल निर्यात को लेकर भी सख्त रुख अपनाया।

Aug 23, 2026 - 16:30
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ईरान की अमेरिका को चेतावनी, आर्थिक अभियान में साथ देने वाले देशों को माना जाएगा ‘दुश्मन’

ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान को लेकर दूसरे देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो देश ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक कदमों का हिस्सा बनेंगे, उन्हें तेहरान विरोधी पक्ष के रूप में देख सकता है।

सरकारी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में रेजाई ने कहा कि ईरान पहले संबंधित देशों के साथ बातचीत कर उन्हें इस विवाद से अलग रहने के लिए समझाने की कोशिश करेगा। हालांकि, यदि कोई देश अमेरिकी अभियान में शामिल होता है तो ईरान उसके हितों के खिलाफ कदम उठाने पर विचार कर सकता है।

रेजाई ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ा बयान दिया। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के साथ मौजूदा विवाद का समाधान होने तक ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को लेकर अपने रुख में बदलाव नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच भी तेल निर्यात जारी रखने के तरीके विकसित कर चुका है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिकी आर्थिक दबाव की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे पहले लगाए गए कड़े प्रतिबंध और दबाव की नीतियां ईरान को अपने रुख से पीछे हटाने में सफल नहीं हुईं और नया आर्थिक अभियान भी अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएगा।

यह घटनाक्रम अमेरिका की ओर से ईरान को समर्थन देने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की घोषणा के बाद सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ कड़े आर्थिक कदम उठाने की बात कही है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए हुए समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के तेल निर्यात को लेकर दोनों पक्षों के सख्त बयानों ने क्षेत्रीय तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है।

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