India-EU Relations: जीन-एरिक पैकेट बने भारत में EU के नए राजदूत, FTA और व्यापार पर रहेगा फोकस
जीन-एरिक पैकेट ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को परिचय पत्र सौंपकर भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने भारत-EU संबंधों में व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, अनुसंधान और नवाचार को प्रमुख क्षेत्र बताया। FTA वार्ता 27 जनवरी 2026 को पूरी हो चुकी है।
यूरोपीय संघ के नए राजदूत जीन-एरिक पैकेट ने भारत में आधिकारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचय पत्र सौंपा। इसके साथ ही भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत के रूप में उनका औपचारिक कार्यकाल शुरू हो गया।
भारत-EU संबंधों को लेकर जताया उत्साह
परिचय पत्र सौंपने के बाद पैकेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारत में अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने व्यापार, रक्षा, सुरक्षा तथा अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्रों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया।
पैकेट ने कहा कि वह साझा प्राथमिकताओं पर भारत के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं। उनके मुताबिक, दोनों पक्षों के संबंध ऐसे दौर में प्रवेश कर रहे हैं, जहां राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।
FTA और आर्थिक अवसरों पर रहेगा जोर
अपने कार्यकाल की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए पैकेट ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक संबंधों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। खासतौर पर उन्होंने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से मिलने वाले अवसरों को लोगों और कारोबार तक पहुंचाने की बात कही।
भारत और EU ने 27 जनवरी 2026 को FTA की वार्ताएं पूरी की थीं। हालांकि समझौते को लागू करने के लिए दोनों पक्षों की आंतरिक कानूनी प्रक्रियाएं अभी महत्वपूर्ण हैं।
तीन साल में पूरे भारत की यात्रा की योजना
भारत की विविधता और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए पैकेट ने अगले तीन वर्षों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि भारत आने के बाद उन्होंने अमृतसर और जैसलमेर का दौरा किया है और आगे भी देश के अलग-अलग राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को देखने की योजना है।
भारत-EU व्यापार में लगातार बढ़ोतरी
यूरोपीय आयोग के अनुसार, 2025 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं का व्यापार €118 अरब रहा। EU भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और यह व्यापार भारत के कुल व्यापार का लगभग 11.1 प्रतिशत था। दोनों पक्षों के बीच सेवाओं और निवेश के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण संबंध हैं।
ऐसे समय में पैकेट की नियुक्ति हुई है जब भारत और यूरोपीय संघ व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई क्षेत्रों में अपने संबंधों को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।
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