नवप्रीत सिंह तुर्किए से भारत लाया गया, अमित शाह ने एजेंसियों को दी बधाई
गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक कथित नार्को-ट्रैफिकिंग सरगना नवप्रीत सिंह को तुर्किए से भारत लाया गया है। उस पर ड्रग तस्करी समेत अन्य आपराधिक मामलों में कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को बताया कि कथित नार्को-ट्रैफिकिंग सरगना नवप्रीत सिंह को तुर्किए से भारत वापस लाया गया है। गृह मंत्री के मुताबिक, नवप्रीत सिंह के खिलाफ ड्रग तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस कार्रवाई में शामिल भारतीय एजेंसियों की सराहना की।
फर्जी पहचान से तुर्किए की नागरिकता लेने का आरोप
अमित शाह के अनुसार, नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर ‘नवाब विर्क’ नाम की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर तुर्किए की नागरिकता हासिल की थी। आरोप है कि इसके बावजूद वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रहा।
भारतीय एजेंसियों ने खोली असली पहचान
गृह मंत्री ने बताया कि भारतीय एजेंसियों ने नवप्रीत सिंह की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाया। इसके बाद तुर्किए से उसे डिपोर्ट कराया गया और शनिवार को भारत वापस लाया गया। भारत पहुंचने के बाद उसके खिलाफ ड्रग तस्करी और अन्य मामलों में आगे कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
ड्रग कार्टेल के खिलाफ अभियान
अमित शाह ने कहा कि सरकार देश में नशीले पदार्थों की तस्करी और ड्रग कार्टेल के खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए है। उन्होंने नवप्रीत सिंह को भारत लाने के अभियान में शामिल सभी एजेंसियों को बधाई दी और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा बताया।
पहले भी तुर्किए से भारत लाया जा चुका है आरोपी
इससे पहले अप्रैल में ड्रग तस्करी के आरोपी मोहम्मद सलीम डोला को भी तुर्किए से भारत वापस लाया गया था। उस समय गृह मंत्री ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा था कि ड्रग्स से जुड़े भगोड़ों को कानून के दायरे में लाने के प्रयास जारी हैं।
अजरबैजान से भी हुआ था भगोड़े का प्रत्यर्पण
मई में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय जांच ब्यूरो की संयुक्त कार्रवाई में प्रभदीप सिंह को अजरबैजान से भारत लाया गया था। वह 358 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी से जुड़े मामले में वांछित बताया गया था और 2023 से फरार था।
भारत-तुर्किए के बीच प्रत्यर्पण संधि
विदेश मंत्रालय के रिकॉर्ड के अनुसार, भारत और तुर्किए के बीच प्रत्यर्पण संधि 2001 की है और यह दोनों देशों के बीच वांछित व्यक्तियों के प्रत्यर्पण के लिए कानूनी ढांचा उपलब्ध कराती है। भारत के विदेश मंत्रालय की सूची में तुर्किए को भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि रखने वाले देशों में शामिल किया गया है।
भारत और तुर्किए के बीच आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता की व्यवस्था भी मौजूद है, जिसे दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों के बीच कानूनी सहयोग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग से भगोड़ों पर शिकंजा
विदेशों में मौजूद आपराधिक मामलों के आरोपियों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में संबंधित देशों की कानूनी और जांच एजेंसियों के बीच समन्वय अहम भूमिका निभाता है। नवप्रीत सिंह का मामला भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए वांछित आरोपी को भारत लाए जाने का एक उदाहरण है।
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