पीयूष गोयल की बर्लिन में जर्मन कंपनियों से मुलाकात, भारत में निवेश पर जोर
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बर्लिन में जर्मन कारोबारी नेताओं के साथ बैठकें कर भारत में निवेश, विनिर्माण, नवाचार और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। DGAP इंडिया सेंटर के उद्घाटन और बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल में भारत-जर्मनी आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में प्रमुख कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर भारत में निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने जर्मन कंपनियों को भारत में विनिर्माण, नवाचार और स्वास्थ्य क्षेत्र में मौजूद अवसरों की जानकारी दी। गोयल के अनुसार, भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी विकसित करने की व्यापक संभावनाएं हैं।
बायर और फ्रेसेनियस के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा
पीयूष गोयल ने बायर के फार्मास्यूटिकल्स डिवीजन के अध्यक्ष स्टीफन ओलरिच से मुलाकात की। बैठक में भारत में कंपनी की विस्तार योजनाओं, निवेश बढ़ाने और स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने के अवसरों पर बातचीत हुई।
इसके अलावा, फ्रेसेनियस ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल सेन के साथ भी चर्चा हुई। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं और उत्पादन के क्षेत्र में भारत-जर्मनी सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार किया गया। गोयल ने भारत के कुशल पेशेवरों और उत्पादन क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि जर्मन कंपनियां यहां की क्षमताओं के माध्यम से घरेलू और वैश्विक बाजारों की जरूरतें पूरी कर सकती हैं।
नॉफ ग्रुप के साथ निर्माण सामग्री और विनिर्माण पर बातचीत
बर्लिन में केंद्रीय मंत्री ने नॉफ ग्रुप के ग्लोबल जनरल पार्टनर मुरात अकयिल्दिज़ से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत में कंपनी के विनिर्माण कारोबार के विस्तार और टिकाऊ निर्माण सामग्री के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े अवसरों पर भी विचार किया गया। भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों को देखते हुए इस क्षेत्र में दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग की संभावनाएं महत्वपूर्ण हैं।
DGAP इंडिया सेंटर के उद्घाटन में शामिल हुए पीयूष गोयल
पीयूष गोयल ने जर्मनी की संघीय आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे के साथ जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (DGAP) के इंडिया सेंटर के उद्घाटन समारोह में भाग लिया।
गोयल ने कहा कि यह केंद्र भारत और जर्मनी के संबंधों को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने दोनों देशों की एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं को आर्थिक विकास के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने का आधार बताया।
उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, व्यापारिक सहयोग बढ़ने से निवेश को प्रोत्साहन मिल सकता है और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने के नए रास्ते खुल सकते हैं।
बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल में कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात
केंद्रीय मंत्री ने ESMT बर्लिन की ओर से आयोजित बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल में भी विभिन्न कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस दौरान भारत में निवेश, कारोबार के विस्तार और भारत-जर्मनी आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई।
पीयूष गोयल ने दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई। बर्लिन में हुई इन बैठकों का प्रमुख उद्देश्य निवेश के नए अवसर तलाशना और भारत-जर्मनी औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना रहा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)