पीएम मोदी ने एशियन गेम्स 2026 के खिलाड़ियों से की मुलाकात, खेलो इंडिया पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल से मुलाकात कर खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने खेलो इंडिया, प्रतिभा खोज, आधुनिक खेल सुविधाओं और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की भारत की आकांक्षा का उल्लेख किया।
Asian Games 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत में खेल सुविधाओं के विस्तार, प्रतिभाओं की पहचान और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया और राष्ट्रीय खेल महासंघों को मजबूत करने के लिए 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदक हासिल किए। भारतीय दल ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया।
आधुनिक खेल व्यवस्था तैयार करने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत में खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। सरकार ने खेल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं।
उन्होंने टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) और खेलो इंडिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि समय के साथ इन योजनाओं का विस्तार किया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रदर्शन को मजबूत करना है।
देशभर में 1,000 से अधिक खेलो इंडिया केंद्र
पीएम मोदी के अनुसार, खेलो इंडिया के विस्तार और राष्ट्रीय खेल महासंघों को मजबूत बनाने के लिए 36,000 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि देशभर में 1,000 से ज्यादा खेलो इंडिया केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और खेल से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बढ़ रही भारत की मौजूदगी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने खिलाड़ियों और खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लंबे समय तक योजनाबद्ध तरीके से काम किया है। पहले कई खेलों में भारत की भागीदारी सीमित रहती थी और बड़े टूर्नामेंटों में पदकों की संख्या भी कम होती थी।
उन्होंने कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य है कि देश के खिलाड़ी अधिक खेलों में हिस्सा लें और वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान मजबूत करें।
कम उम्र के खिलाड़ियों ने भी किया शानदार प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल में युवा खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रधानमंत्री ने 15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी समेत कम उम्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के कई खिलाड़ी 15 से 17 वर्ष की उम्र के थे। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करना उनके परिश्रम और क्षमता को दर्शाता है।
सफलता के लिए उम्र नहीं, प्रतिभा और मेहनत अहम
पीएम मोदी ने युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उम्र सफलता की राह में बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रतिभाओं की जल्द पहचान करने और उन्हें समय पर उचित प्रशिक्षण तथा अवसर देने की जरूरत पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलने से वे अपनी क्षमता को बेहतर ढंग से निखार सकते हैं और देश के लिए उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
‘जो खेलता है, वही खिलता है’
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए खेलों में नए चैंपियन तैयार करने और नए रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कहा कि खेलों से मिलने वाला अनुशासन, मेहनत और संघर्ष का अनुभव जीवन के हर क्षेत्र में काम आता है।
उन्होंने खिलाड़ियों से लगातार अभ्यास करने और आगे बढ़ते रहने की अपील की। उनके संदेश का केंद्र यह था कि खेलों में भागीदारी बढ़ाने से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और बेहतर भविष्य बनाने के अवसर मिलते हैं।
2036 ओलंपिक की मेजबानी की आकांक्षा
प्रधानमंत्री ने भारत के आगामी खेल लक्ष्यों का भी उल्लेख किया। लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में आयोजित होगा, जबकि भारत ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी और 2036 ओलंपिक की मेजबानी हासिल करने की आकांक्षा जताई है।
उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण और प्रतिभाओं को तैयार करने की प्रक्रिया को लगातार मजबूत करना होगा।
गांव-गांव में प्रतिभाओं की तलाश
पीएम मोदी ने प्रतिभा खोज अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की पहचान देश के गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचकर की जा रही है। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आज तैयार हो रहे युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में भारत के लिए पदक जीतेंगे और देश का गौरव बढ़ाएंगे।
बड़े खेल आयोजनों के लिए भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के खेल संबंधी लक्ष्य बड़े हैं और उन्हें हासिल करने के लिए देश के पास आत्मविश्वास तथा क्षमता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी, बेहतर खेल ढांचे और अधिक पदक जीतने की दिशा में लगातार प्रयास करने का संदेश दिया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)