भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाएगा पोलैंड, 100 कंपनियों के साथ भारत आएंगे डोनाल्ड टस्क
पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की ने भारत के साथ रक्षा और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की बात कही है। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क अक्टूबर के अंत में करीब 100 कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत का दौरा कर सकते हैं।
भारत और पोलैंड के बीच रक्षा, व्यापार और औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की ने कहा है कि उनका देश भारत के साथ रक्षा उत्पादों के व्यापार और औद्योगिक साझेदारी को और मजबूत करना चाहता है। उन्होंने यह बात अमेरिका के मिल्वौकी में आयोजित G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर कही।
डोमांस्की ने बताया कि पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क अक्टूबर के अंत में भारत की यात्रा कर सकते हैं। इस दौरान उनके साथ करीब 100 पोलिश कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा। प्रस्तावित यात्रा में नई दिल्ली के अलावा बेंगलुरु का दौरा भी शामिल है। डोमांस्की ने कहा कि वह खुद भी इस यात्रा का हिस्सा होंगे।
रक्षा उद्योग में साझेदारी पर जोर
डोमांस्की ने कहा कि पोलैंड अपनी रक्षा उद्योग क्षमता को मजबूत करने पर काम कर रहा है और भारत को भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखता है। इसी वजह से वह भारत को अपने रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने और दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहा है।
उन्होंने संकेत दिया कि टस्क की यात्रा के दौरान पोलैंड की रक्षा कंपनियों को भारत लाया जाएगा। इसके जरिए दोनों देशों की कंपनियों के बीच कारोबारी और औद्योगिक सहयोग के नए अवसर तलाशे जाएंगे।
स्पेस सेक्टर में भी सहयोग की संभावना
रक्षा के अलावा अंतरिक्ष क्षेत्र को भी भारत-पोलैंड सहयोग के संभावित नए क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। डोमांस्की के अनुसार, पोलैंड ने अपने स्पेस सेक्टर में निवेश दोगुना करने का फैसला किया है और वह अपनी अंतरिक्ष कंपनियों को भारत लाने की योजना बना रहा है। मशीनरी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी कारोबारी संभावनाओं का जिक्र किया गया है।
2024 में बनी थी रणनीतिक साझेदारी
भारत और पोलैंड के रिश्तों को अगस्त 2024 में रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वारसॉ यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापार और निवेश के साथ रक्षा, ऊर्जा, ग्रीन टेक्नोलॉजी, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए पांच साल के एक्शन प्लान पर सहमति जताई थी।
अब प्रस्तावित टस्क यात्रा को इसी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा और औद्योगिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
G20 सदस्यता के लिए पोलैंड की दावेदारी
डोमांस्की ने पोलैंड की G20 सदस्यता की दावेदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पोलैंड सदस्य देशों से समर्थन मांग रहा है। उनके मुताबिक, रूस से समर्थन मिलने की संभावना कम है।
पोलिश मंत्री ने अपने देश की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पोलैंड खुद को मध्य और पूर्वी यूरोप की आवाज के रूप में G20 में प्रस्तुत करना चाहता है।
भारत और पोलैंड के बीच आगामी उच्चस्तरीय संपर्क से रक्षा, स्पेस, निवेश और औद्योगिक सहयोग के नए रास्ते खुलने की संभावना पर दोनों पक्षों की ओर से जोर दिया जा रहा है।
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