स्वच्छता ही सेवा 2026: स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली में चलाया श्रमदान अभियान, जनभागीदारी पर दिया जोर
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई दिल्ली में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता, जन-स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर जोर देते हुए अभियान में भाग लिया।
नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को नई दिल्ली में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत स्वैच्छिक स्वच्छता अभियान आयोजित किया। इस दौरान मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रमदान में हिस्सा लेकर स्वच्छ भारत के उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अभियान के दौरान स्वच्छता को केवल सफाई तक सीमित न रखते हुए इसे बेहतर जन-स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने पर जोर दिया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ की भावना के साथ अभियान में सक्रिय भागीदारी की।
स्वच्छता को निरंतर प्रयास बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. राजीव बहल ने कहा कि स्वच्छता को एक बार के अभियान के बजाय लगातार चलने वाली सामूहिक प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों के साथ-साथ आम नागरिकों से भी स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
आराधना पटनायक ने भी स्वच्छता अभियानों में ‘जन भागीदारी’ और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को साफ और स्वस्थ बनाए रखने के लिए नागरिकों की निरंतर भागीदारी और जिम्मेदार व्यवहार जरूरी है।
जनभागीदारी बढ़ाना अभियान का उद्देश्य
‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ देशभर में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना है। अभियान के माध्यम से नागरिकों को अपने आसपास के वातावरण की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं है। सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ बनाए रखने के लिए समाज के सभी वर्गों की निरंतर भागीदारी आवश्यक है।
कचरा प्रबंधन और जिम्मेदारी पर भी फोकस
स्वच्छता अभियान के दौरान जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और व्यक्तिगत जिम्मेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। मंत्रालय के अनुसार, लंबे समय तक स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए जागरूकता, सही तरीके से कचरे का निपटान और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
मंत्रालय ने स्वच्छता को सामाजिक प्रतिबद्धता के रूप में आगे बढ़ाने और सामुदायिक स्तर पर लगातार सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)