UNESCO Tentative List: भारत की 5 नई विरासत प्रविष्टियां शामिल, सूची में 78 स्थल

UNESCO की Tentative List में भारत की पांच नई विरासत प्रविष्टियां शामिल हुई हैं। इसके साथ भारत की संभावित विश्व धरोहर सूची में साइट्स की संख्या 78 हो गई है।

Sep 30, 2026 - 10:17
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UNESCO Tentative List: भारत की 5 नई विरासत प्रविष्टियां शामिल, सूची में 78 स्थल
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भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में नई प्रगति हुई है। UNESCO की Tentative List में भारत की पांच नई विरासत प्रविष्टियां शामिल की गई हैं। इसके साथ भारत की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल स्थलों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है।

नई प्रविष्टियों में मध्य प्रदेश की बाघ गुफा चित्रकारी, गिनौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिरों का समूह और उदयगिरि गुफाएं शामिल हैं। इसके अलावा भारत और दक्षिण अफ्रीका से जुड़ा ‘The Sites of Satyagraha’ नामक ट्रांसनेशनल प्रस्ताव भी सूची में शामिल किया गया है।

बाघ गुफाओं की बौद्ध चित्रकारी

मध्य प्रदेश में बाघनी नदी के किनारे विंध्य पर्वतमाला की दक्षिणी ढलान पर स्थित बाघ गुफाएं नौ चट्टानों को काटकर बनाई गई बौद्ध गुफाओं का समूह हैं।

UNESCO के अनुसार इन गुफाओं का विकास लगभग चौथी से छठी शताब्दी के बीच हुआ। यहां मौजूद भित्ति चित्रों में धार्मिक विषयों के साथ राजदरबार, जुलूस, संगीतकार, नर्तक और सामाजिक जीवन के दृश्य भी दिखाई देते हैं। विशेष रूप से गुफा संख्या 4 में मौजूद चित्र बाघ की कलात्मक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

चंबल घाटी के मंदिरों का समूह

नई प्रविष्टियों में बटेश्वर, पदावली और ककरमठ को मिलाकर चंबल घाटी के मंदिरों का समूह भी शामिल है। यह प्रस्ताव मध्य प्रदेश की प्राचीन मंदिर स्थापत्य परंपरा और क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को सामने लाता है।

गुप्तकालीन उदयगिरि गुफाएं

उदयगिरि गुफाएं मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण प्राचीन शैल-कट विरासत में शामिल हैं। UNESCO की Tentative List में इसे 2026 में जोड़ा गया है। यह स्थल मुख्य रूप से गुप्त काल से संबंधित धार्मिक और स्थापत्य परंपराओं को दर्शाता है।

चट्टानों को काटकर बनाए गए यहां के गुफा परिसर में मूर्तिकला पैनल, शिलालेख और धार्मिक संरचनाओं से जुड़े अवशेष शामिल हैं। यह परिसर प्राचीन भारत में धर्म, कला और राजकीय संरक्षण के बीच संबंधों को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

गिनौरगढ़ किला भी सूची में शामिल

मध्य प्रदेश का गिनौरगढ़ किला भी UNESCO की नई Tentative List प्रविष्टियों में शामिल है। यह स्थल मध्य भारत के गोंड शासकों से जुड़ी ऐतिहासिक और जनजातीय विरासत का प्रतिनिधित्व करता है।

इसका शामिल होना मध्य भारत की जनजातीय और किलाबंद ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच सत्याग्रह की विरासत

पांचवीं नई प्रविष्टि ‘The Sites of Satyagraha: The Emergence and institutionalization of the non-violent movement’ है। यह भारत और दक्षिण अफ्रीका से जुड़ा एक ट्रांसनेशनल सीरियल प्रस्ताव है। UNESCO के रिकॉर्ड के अनुसार इसका उद्देश्य सत्याग्रह के दक्षिण अफ्रीका में विचार के रूप में विकसित होने से लेकर भारत में उसके प्रयोग, विस्तार और संस्थागत रूप लेने तक की यात्रा को दर्शाना है।

प्रस्ताव में कुल नौ घटक शामिल हैं। इनमें दो दक्षिण अफ्रीका में और सात भारत में स्थित हैं। दक्षिण अफ्रीका के घटकों में पीटरमैरित्ज़बर्ग स्टेशन और फीनिक्स सेटलमेंट शामिल हैं। भारत में महात्मा गांधी सत्याग्रह स्मारक, साबरमती आश्रम, मणि भवन, हरिजन सेवक संघ, सेवाग्राम आश्रम, आगा खान पैलेस और गांधी स्मृति को प्रस्तावित घटकों में रखा गया है।

Tentative List में शामिल होना क्या मतलब रखता है?

किसी स्थल का UNESCO की Tentative List में शामिल होना उसे तत्काल World Heritage Site का दर्जा मिलने के बराबर नहीं है। यह उन स्थलों की सूची है जिन्हें संबंधित देश भविष्य में UNESCO की World Heritage List के लिए नामित करने पर विचार कर सकता है। भारत की आधिकारिक UNESCO प्रोफाइल में वर्तमान में 45 World Heritage properties और 78 Tentative List sites दर्ज हैं।

नई प्रविष्टियों से भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत—प्राचीन बौद्ध कला, गुप्तकालीन स्थापत्य, मंदिर परंपरा, जनजातीय इतिहास और गांधी के सत्याग्रह आंदोलन—को एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।

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