UNGA 2026: यूक्रेन के समर्थन में 51 देशों की अपील, रूस से युद्धविराम का आग्रह
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान यूक्रेन के समर्थन में 51 देशों ने संयुक्त अपील जारी की। काजा कलास और यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने रूस से तत्काल युद्धविराम और सार्थक शांति वार्ता की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से यूक्रेन में शांति स्थापित करने को लेकर 51 देशों ने संयुक्त अपील की है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि यूक्रेन तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम के लिए तैयार है और अब रूस से भी इसी दिशा में कदम उठाने की अपेक्षा है।
काजा कलास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि यूक्रेन शांति चाहता है और यूरोपीय देश भी युद्ध समाप्त करने के पक्ष में हैं। उन्होंने रूस से सैन्य कार्रवाई रोकने, युद्धविराम स्वीकार करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप स्थायी शांति के लिए गंभीर वार्ता में शामिल होने का आग्रह किया।
रूस से सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से पहले काजा कलास और फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्री जीन-नोएल बैरो के साथ मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समर्थक देशों की ओर से रूस के लिए स्पष्ट संदेश है कि वह सैन्य कार्रवाई बंद करे और शांति की दिशा में आगे बढ़े।
संयुक्त बयान में यूरोपीय संघ के अलावा अमेरिका के सहयोगी कई यूरोपीय देश, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, इजरायल और दक्षिण कोरिया समेत 51 देशों के समर्थन का उल्लेख किया गया।
यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर जोर
संयुक्त बयान में कहा गया कि यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा के दौरान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और शांति के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दोहराया गया। बयान में यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ-साथ आत्मरक्षा के अधिकार का उल्लेख किया गया।
समर्थक देशों ने यूक्रेन में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता व्यक्त की। बयान में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के पालन, नागरिकों की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
काला सागर में जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा
बयान में काला सागर की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। इसमें यूक्रेन के अनाज निर्यात और समुद्री मार्गों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के प्रयासों का समर्थन किया गया।
साथ ही आवश्यक बुनियादी ढांचे और व्यापारिक जहाजों को संभावित हमलों से सुरक्षित रखने की अपील की गई। समर्थक देशों ने कहा कि युद्ध के मानवीय प्रभाव को कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप शांति की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है।
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